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मांगा जवाब: सुप्रीम कोर्ट ने सरकार से पूछा- बिटक्वॉइन वैध है या अवैध, पक्ष स्पष्ट करने को कहा

Fri, 25 Feb 2022 10:40 PM IST
कुमार संभव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: कुमार संभव Updated Fri, 25 Feb 2022 10:40 PM IST
सार

एएसजी भाटी ने जवाब दिया कि सरकार के रुख के बारे में अदालत को जानकारी दी जाएगी। कोर्ट गेन बिटकॉइन घोटाले के एक आरोपी अजय भारद्वाज की याचिका पर सुनवाई कर रही थी जिसमें भारद्वाज ने उसके खिलाफ मुकदमे को रद्द करने की मांग की है।

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Supreme Court asks modi government about bitcoin legal or illegal
सर्वोच्च न्यायालय - फोटो : PTI

विस्तार

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को केंद्र सरकार से पूछा, बिट क्वॉइन कानूनी रूप से वैध है या नहीं। शीर्ष अदालत ने क्रिप्टोकरेंसी को लेकर सरकार से उसका रुख स्पष्ट करने को कहा है। जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ और जस्टिस सूर्यकांत की पीठ ने केंद्र सरकार का प्रतिनिधित्व कर रही एडिशनल सॉलिसिटर जनरल (एएसजी) ऐश्वर्या भाटी से इस संबंध में सरकार का रुख स्पष्ट करने के लिए कहा है। सुनवाई के दौरान खुद जस्टिस सूर्यकांत ने भाटी से कहा, यह अवैध है या नहीं। आपको अपना रुख स्पष्ट करना होगा। 

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एएसजी भाटी ने जवाब दिया कि सरकार के रुख के बारे में अदालत को जानकारी दी जाएगी। कोर्ट गेन बिटकॉइन घोटाले के एक आरोपी अजय भारद्वाज की याचिका पर सुनवाई कर रही थी जिसमें भारद्वाज ने उसके खिलाफ मुकदमे को रद्द करने की मांग की है। उस पर मास्टरमाइंड व भाई अमित भारद्वाज के साथ निवेशकों को भारी रिटर्न का वादा करने वाली एक बहु-स्तरीय मार्केटिंग योजना चलाने का आरोप है। 
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उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, घोटाले का आकार जो शुरू में 2000 करोड़ था, बिटकॉइन मूल्य में वृद्धि के बाद यह संशोधित होकर 20,000 करोड़ हो गया है। एएसजी भाटी ने शुक्रवार को कोर्ट को बताया कि मामले में 87,000 बिटकॉइन शामिल हैं और आरोपी जांच में सहयोग नहीं कर रहा है। हमने कई समन जारी किए।

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वहीं, एक शिकायतकर्ता का प्रतिनिधित्व कर रहे वकील शोएब आलम ने कहा, आरोपी को जमानत मिलने के बाद उन पर हमला किया गया था जो सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गया था। इसके बाद कोर्ट ने आरोपी को गिरफ्तारी से अंतरिम सुरक्षा प्रदान करते हुए उसे जांच में सहयोग करने का निर्देश दिया है। अदालत ने जांच अधिकारी को याचिकाकर्ता आरोपी द्वारा किए गए सहयोग के बारे में स्थिति रिपोर्ट दाखिल करने को कहा है। पीठ अब चार हफ्ते बाद सुनवाई करेगी। वहीं आरोपी की गिरफ्तारी पर अंतरिम रोक का आदेश अगली सुनवाई तक जारी रहेगा। 
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