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सुप्रीम कोर्ट ने सोशल मीडिया साइट पर निजता को लेकर केंद्र सरकार से मांगा जवाब

Mon, 16 Jan 2017 11:10 PM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, नई दिल्ली
ब्यूरो/ अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Mon, 16 Jan 2017 11:10 PM IST
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Supreme Court asks government and TRAI to reply to plea on privacy in social media sites
सांकेतिक चित्र

सुप्रीम कोर्ट ने व्हाट्स ऐप और फेसबुक जैसी सोशल नेटवर्किंग साइट के जरिये निजी संवाद के व्यावसायिक इस्तेमाल पर निजता नीति बनाने की मांग वाली याचिका पर केंद्र सरकार और दूरसंचार नियामक संस्था (ट्राई) से जवाब मांगा है। दो छात्रों की याचिका पर सुनवाई के लिए सहमत शीर्ष अदालत ने इस संबंध में व्हाट्स ऐप और फेसबुक से भी दो हफ्ते में जवाब मांगा है। 

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मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति जेएस खेहड़ और न्यायमूर्ति डीवाई चंद्रचूड़ ने इस मामले में अटॉर्नी जनरल मुकुल रोहतगी को भी सहयोग करने के लिए कहा है। दोनों छात्रों की यह याचिका पहले दिल्ली हाईकोर्ट में खारिज हो गई थी। याचिका में आरोप लगाया गया है कि सोशल नेटवर्किंग साइट्स देश के 15 करोड़ लोगों के परस्पर निजी संवाद की गोपनीयता से समझौता कर रही हैं। 
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छात्रों की ओर से पेश वरिष्ठ वकील हरीश साल्वे ने आरोप लगाया कि सोशल नेटवर्किंग साइट्स संविधान के अनुच्छेद 19 (बोलने और अभिव्यक्ति की आजादी) और अनुच्छेद 21 (जीवन जीने का अधिकार) का उल्लंघन कर रही हैं। साल्वे ने कहा कि ब्रिटेन और जर्मनी ने उपभोक्ता के संरक्षण की व्यवस्था की है। डाटा को संरक्षण के कई उपाय हैं।

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'आप व्हाट्स ऐप से खुद को अलग कर सकते हैं'

Supreme Court asks government and TRAI to reply to plea on privacy in social media sites

इस पर पीठ ने कहा, ‘हमें यह बात परेशान कर रही है कि आप इस मुफ्त निजी सेवा का इस्तेमाल करना चाहते हैं, साथ ही आप अपनी निजता का संरक्षण भी चाहते हैं। अगर आपको उसकी सेवा से एतराज हैं तो आप व्हाट्स ऐप से खुद को अलग कर सकते हैं।’ 

जवाब में साल्वे ने कहा कि व्हाट्स ऐप के 155 मिलियन यूजर्स हैं और यह टेलीफोन की तरह जन उपयोगी सेवा बन गई है। लिहाजा सरकारी अनुमति के बगैर संवाद को बाधित नहीं किया जा सकता। इस पर पीठ ने कहा कि टेलीफोन के लिए आप पैसे देते हैं और पैसे के बदले आपकी निजता को संरक्षण मिलता है। इस पर साल्वे ने कहा कि अब तक कॉल सेवा भी मुफ्त में दी जा रही है।

इसके बाद पीठ ने याचिका पर सुनवाई करने का निर्णय लेते हुए केंद्र सरकार, ट्राई, व्हाट्स ऐप और फेसबुक को नोटिस जारी करते हुए जवाब दाखिल करने के लिए कहा है। पीठ ने यह भी इशारा किया गया कि ग्रीष्मावकाश में संविधान पीठ का गठन कर इस पर सुनवाई हो सकती है।

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