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केरल के सीएम से जुड़े भ्रष्टाचार मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई से मांगे ठोस सबूत
Fri, 09 Oct 2020 04:40 AM IST
Rajeev Rai
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Rajeev Rai
Updated Fri, 09 Oct 2020 04:40 AM IST
सार
1996 में कनाडा की कंपनी को ठेका देने में भ्रष्टाचार का है आरोप
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supreme court
- फोटो : PTI
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विस्तार
सुप्रीम कोर्ट ने बृहस्पतिवार को 24 साल पुराने एसएनसी लवलीन भ्रष्टाचार मामले में केरल के मुख्यमंत्री पिनारई विजयन को मामूली राहत दे दी। शीर्ष अदालत ने सीबीआई से कहा कि इस मामले में विजयन व दो अन्य को आरोप मुक्त करने के आदेश के खिलाफ बहुत ठोस आधार के साथ ही आए, क्योंकि केरल हाईकोर्ट और निचली अदालत अपने फैसले में इन सभी पर मुकदमा चलाने की आवश्यकता नहीं होने की बात कह चुकी हैं।
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इस पर सीबीआई ने कहा कि यह 2017 में दायर मामले के खिलाफ क्रास अपील है और वह इस मामले के वास्तविक पहलुओं की जानकारी देते हुए एक विस्तृत नोट दाखिल करेगी। इसके बाद शीर्ष अदालत ने सुनवाई को 16 अक्तूबर तक स्थगित कर दिया।
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वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये चल रही सुनवाई में जस्टिस यूयू ललित, जस्टिस विनीत सरन और जस्टिस एस. रवीन्द्र भट की पीठ से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि यह आरोपियों को आरोप मुक्त करने के खिलाफ अपील है। यह मामला 1996 में कनाडाई फर्म को कांट्रेक्ट देने में भ्रष्टाचार किया गया था, जिससे राज्य सरकार को 374.50 करोड़ रुपये का नुकसान उठाना पड़ा था। इस दौरान पिनारई विजयन केरल के ऊर्जा मंत्री थे।
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मेहता ने कहा कि निचली अदालत ने शुरू में कुछ आरोपियों को इस मामले में आरोप मुक्त किया था और केरल हाईकोर्ट ने उस निर्णय को बरकरार रखा था। इस पर पीठ ने कहा, क्योंकि दो अदालतों ने इस मामले में कुछ आरोपियों पर मुकदमा नहीं चलाए जाने की बात कही है। ऐसे में इस निष्कर्ष के खिलाफ आपको बहुत ही ठोस आधार के साथ आना होगा।