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Hindi News ›   India News ›   Supreme Court asked questions to Tamil Nadu cm MK Stalin in the election matter

याचिका: जब सुप्रीम कोर्ट ने पूछा-अब तो आप मुख्यमंत्री हैं, सुनवाई क्यों चाहते हैं

Sat, 26 Feb 2022 04:33 AM IST
Jeet Kumar एजेंसी, नई दिल्ली।
एजेंसी, नई दिल्ली। Published by: Jeet Kumar Updated Sat, 26 Feb 2022 04:33 AM IST
सार

सिब्बल ने कहा, स्टालिन पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए गए हैं। इसलिए हम इस मामले की सुनवाई चाहते हैं। पढ़ें पूरी खबर...

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Supreme Court asked questions to Tamil Nadu cm MK Stalin in the election matter
सर्वोच्च न्यायालय - फोटो : PTI

विस्तार

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट से आग्रह किया कि 2011 में उनके निर्वाचन को चुनौती देने वाली एआईएडीएमके नेता एसएस दुरईसामी की याचिका पर सुनवाई की जाए।

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हालांकि सीजेआई एनवी रमण की पीठ ने उनके वकील कपिल सिब्बल से पूछा, आप वहां मुख्यमंत्री हैं। फिर क्या समस्या है? इस याचिका पर सुनवाई क्यों चाहते हैं?

जवाब में सिब्बल ने कहा, स्टालिन पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए गए हैं। इसलिए हम इस मामले की सुनवाई चाहते हैं। इस पर सीजेआई ने कहा, हमें नहीं पता कौन सी पीठ इसे सुन रही थी। लेकिन ठीक है, हम देखेंगे। मद्रास हाईकोर्ट 2017 में एआईएडीएमके नेता की अर्जी खारिज कर चुका है।
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यूक्रेन में फंसे भारतीय की मदद के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका
सुप्रीम कोर्ट में एक जनहित याचिका दायर कर यूक्रेन में फंसे भारतीय नागरिकों और छात्रों को सहायता प्रदान करने के लिए केंद्र सरकार को निर्देश जारी करने की मांग की गई है। वकील विशाल तिवारी की इस याचिका में कहा गया, यूक्रेन का हवाई क्षेत्र बंद कर दिया गया है। यूक्रेन भेजा गया एअर इंडिया का विमान बिना किसी भारतीय नागरिक को निकाले वापस आ गया। 
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इससे फंसे भारतीय छात्रों और परिवारों की स्थिति और खराब हो गई है। वहां फंसे कई छात्रों को भोजन और अन्य आवश्यक चीजों की कमी का सामना करना पड़ रहा है।

याचिका में यह भी आरोप लगाया गया कि सरकार भारतीयों को यूक्रेन से लौटने का निर्देश देने के लिए कदम उठाने में विफल रही जबकि युद्ध की स्थिति 10 दिन पहले पैदा हुई थी और भारत सरकार अच्छी तरह से जानती थी कि युद्ध जैसी स्थिति निकट भविष्य में उत्पन्न होगी। 

याचिका में यह भी ऑनलाइन मोड से यूक्रेन स्थित विश्वविद्यालयों में पढ़ने वाले भारतीय छात्रों की एमबीबीएस डिग्री को भारत में मान्यता दी जानी चाहिए।

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