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SC ने पूछा क्यों न बंद कर दी जाए पूर्व सांसदों की पेंशन?

Thu, 23 Mar 2017 08:06 AM IST
amarujala.com- Presented By: अनंत पालीवाल
amarujala.com- Presented By: अनंत पालीवाल Updated Thu, 23 Mar 2017 08:06 AM IST
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supreme court ask why not stop pension of former member of parliamnet

पूर्व सांसदों को ताउम्र मिलने वाली पेंशन और भत्तों के खिलाफ दायर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने परीक्षण करने का निर्णय लिया है। शीर्ष अदालत ने केंद्र सरकार से पूछा है कि क्यों नहीं पूर्व सांसदों को मिलने वाले इन लाभों को समाप्त किया जाना चाहिए?

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सुप्रीम कोर्ट ने भेजा नोटिस

न्यायमूर्ति जे चेलमेश्वर की अध्यक्षता वाली दो सदस्यीय पीठ ने लोकप्रहरी नामक संगठन द्वारा दायर इस याचिका पर केंद्र सरकार, चुनाव आयोग, लोक सभा और राज्य सभा के महासचिव को नोटिस जारी किया है। सभी को चार हफ्ते में जवाब दाखिल करने के लिए कहा गया है।

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पेंशन के लिए होना चाहिए स्ट्रक्चर

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हालांकि सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति जे चेलमेश्वर ने कहा कि प्रथम दृष्टया हमें यह नहीं लगाता कि पेंशन को लेकर आपत्ति होनी चाहिए लेकिन जरूरी यह है कि इसका स्ट्रक्चर होना चाहिए। न्यायमूर्ति चेलमेश्वर ने कहा कि एक ऐसा भी दौर था जब बेहद गरीब लोग सांसद बनते थे।

कई सांसद की मौत तो गुरबत में हुई। हालांकि पीठ ने याचिकाकर्ता संगठन द्वारा उठाए गए सवाल पर सरकार सहित अन्य का पक्ष जानना चाहा है।

सांसद नहीं करते हैं पेंशन के लिए योगदान

इससे पहले याचिकाकर्ता की ओर से पेश वकील कामिनी जायसवाल ने पीठ के समक्ष कहा कि नौकरीपेशा लोग पेंशन के लिए शुरू से योगदान देते हैं तब जाकर उन्हें सेवानिवृत्ति के बाद पेंशन मिलती है। लेकिन सांसद पेंशन के लिए किसी तरह का योगदान नहीं करते हैं लेकिन उन्हें पेंशन दिया जाता है।

वास्तव में सांसदों को मिलने वाली पेंशन करदाताओं का पैसा है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि एक दिन का सांसद रहने पर भी वह पेंशन का हकदार हो जाता है, जो सही नहीं है। इतना ही नहीं मरने के बाद उसकी पत्नी भी पेंशन की हकदार होती है। साथ ही पूर्व सांसद आजीवन एक व्यक्ति के साथ ट्रेन में मुफ्त यात्रा का हकदार हो जाता है।

पूर्व राज्यपाल को भी नहीं मिलती आजीवन पेंशन

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याचिका में कहा गया है कि राज्यपाल को भी आजीवन पेंशन नहीं दी जाती। सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के वर्तमान जजों को भी एक व्यक्ति के साथ मुफ्त यात्रा का लाभ नहीं दिया जाता, भले ही वे आधिकारिक यात्रा पर ही क्यों ना जा रहे हों।

याचिका में कहा गया है कि पूर्व सांसदों को पेंशन देने की व्यवस्था आम लोगों पर बोझ है और यह व्यवस्था राजनीति को और भी लुभावना बना देती है। लिहाजा इस व्यवस्था को खत्म किया जाना चाहिए।

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