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स्थायी कमीशन : अनुपालन को लेकर महिला सैन्य अधिकारियों की दिक्कतों पर सुप्रीम कोर्ट नाराज
Sat, 30 Jan 2021 04:49 AM IST
Jeet Kumar
एजेंसी, नई दिल्ली।
एजेंसी, नई दिल्ली।
Published by: Jeet Kumar
Updated Sat, 30 Jan 2021 04:49 AM IST
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सुप्रीम कोर्ट
- फोटो : ANI
स्थायी कमीशन के फैसले के बावजूद इसके अनुपालन को लेकर महिला सैन्य अधिकारियों को आए दिन हो रही समस्याओं पर सुप्रीम कोर्ट ने नाराजगी जताई है। कोर्ट ने सरकार से कहा कि ये सभी आपकी ही अधिकारी हैं, अथॉरिटी के जरिए इनकी समस्या का हल निकाला जाना चाहिए। आखिर ऐसी नौबत क्यों आनी चाहिए कि उन्हें बार-बार अदालत का दरवाजा खटखटाना पड़े।
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जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ ने केंद्र सरकार की ओर से पेश एडिशनल सॉलिसिटर जनरल (एएसजी) संजय जैन से कहा कि ये आपकी ही अधिकारी हैं। इन्होंने नौसेना और सेना में अपनी सेवाएं दी हैं। उनकी परेशानी को अथॉरिटी द्वारा दूर किया जाना चाहिए। इन्हें बार-बार अदालत में याचिका दाखिल करने की नौबत क्यों आनी चाहिए। ये सेवानिवृत्ति की उम्र में हैं। इन्होंने देश की सेवा की है। अंत में इन्हें फिर से आर्म्ड फोर्स ट्रिब्यूनल क्यों जाना चाहिए। आपको इनकी समस्या दूर करनी चाहिए।
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सुप्रीम कोर्ट मार्च 2020 को भारतीय नौसेना में महिलाओं को स्थायी कमीशन देने के फैसले का अनुपालन करने का निर्देश देने की मांग वाली अर्जी पर सुनवाई कर रही थी। पीठ ने कहा कि हमने फैसला देकर इन सभी मामलों का निपटारा कर दिया है। ऐसे में बार-बार ऐसे आवेदनों पर विचार करना सही नहीं है।
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पीठ ने याचिकाकर्ता के वकील से कहा कि यह अवमानना याचिका नहीं है। अगर हमारे फैसले के बाद किसी कार्रवाई से आप खफा हैं तो आप कानून के तहत मौजूद विकल्प के तहत प्रक्रिया जारी रख सकते हैं। याचिकाकर्ता के वकील ने पीठ से कहा कि अदालत के फैसले को अलग अलग तरीके से देखा जा रहा है। फैसले के कई फायदों से अधिकारियों को महरूम रखने का प्रयास किया जा रहा है।
एएसजी ने पीठ को भरोसा दिलाया कि वह इस संबंध में अथॉरिटी के साथ बैठक करेंगे और महिला अधिकारियों के समक्ष उत्पन्न समस्याओं का बिंदुवार तरीके से समाधान निकालने की कोशिश करेंगे।
इस पर पीठ ने कहा कि यह सही है। आप बैठक में मौजूद रहिए। अगर कोई खामी सामने आए तो आप अथॉरिटी को निर्देश दे सकते हैं। सुप्रीम कोर्ट अब इस मामले पर दो हफ्ते बाद सुनवाई करेगा।