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सुप्रीम कोर्ट: पाकिस्तान की जेल में बंद सैन्य अधिकारी की मां की याचिका पर होगी सुनवाई

Fri, 05 Mar 2021 08:24 PM IST
गौरव पाण्डेय पीटीआई, नई दिल्ली
पीटीआई, नई दिल्ली Published by: गौरव पाण्डेय Updated Fri, 05 Mar 2021 08:24 PM IST
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Supreme Court agreed to hear plea filed by mother of Indian Army Officer imprisoned in Jail of Pakistan
सर्वोच्च न्यायालय - फोटो : पीटीआई

उच्चतम न्यायालय शुक्रवार को सेना के एक अधिकारी की मां की ओर से दाखिल एक याचिका पर सुनवाई के लिए सहमत हो गया। इसमें उन्होंने पाकिस्तान की जेल में पिछले 23 वर्षों से बंद अपने बेटे को स्वदेश वापस लाने के लिए केंद्र को राजनयिक माध्यम से तत्काल कदम उठाने के निर्देश देने का अनुरोध किया है।

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प्रधान न्यायाधीश एसए बोबडे की अगुवाई वाली पीठ ने नोटिस जारी करके केंद्र सरकार से 81वर्षीय कमला भट्टाचार्या की याचिका पर जवाब मांगा है। अदालत ने इस मामले में मानवीय आधार पर अधिकारियों को तत्काल हस्तक्षेप करने के निर्देश देने के लिए कहा है। कमला भट्टाचार्य कैप्टन संजीत भट्टाचार्य की मां हैं।
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याचिका में कहा गया है कि जानकारी मिली है कि संजीत लाहौर की कोट लखपत जेल में बंद हैं। संजीत अगस्त 1992 में सेना की गोरखा रायफल्स रेजीमेंट में शामिल हुए थे। अप्रैल 1997 में बताया गया गया कि गुजराज के कच्छ के रण में सीमा पर रात में गश्त पर गए संजीत को पाकिस्तानी अधिकारियों ने पकड़ लिया था ।
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अधिवक्ता सौरभ मिश्रा की ओर से दाखिल की गई इस याचिका में कहा गया है कि याचिकाकर्ता कमला भट्टाचार्य के बेटे को पिछले 23 वर्षों में किसी उचित प्राधिकार के सामने अपना मामला रखने का अवसर नहीं दिया गया है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि परिवार के सदस्यों से बात करने की अनुमति भी नहीं दी गई।

इसमें कहा गया कि अप्रैल 2004 में याचिकाकर्ता के परिवार को रक्षा मंत्रालय से एक पत्र प्राप्त हुआ जिसमें कहा गया था कि संजीत को मृत माना जा रहा है। 31 मई 2010 को एक मेजर जनरल की ओर से पत्र मिला जिसमें बताया गया कि संजीत के नाम को मौजूदा लापता युद्ध कैदी (पीओडब्ल्यू) की सूची में जोड़ा गया है।


याचिका में कहा गया कि याचिककर्ता का परिवार आज भी कैप्टन संजीत के लौटने का इंतजार कर रहा है। उल्लेखनीय है कि याचिकाकर्ता कमला भट्टाचार्य के पति का 28 नवंबर 2020 को निधन हो गया था। याचिकाकर्ता खुद 81 वर्ष की हैं और वह अपने बेटे संजीत भट्टाचार्य की एक झलक देखने के लिए तरस रही हैं।

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