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Superem Court : अंडमान के पूर्व मुख्य सचिव के खिलाफ सामूहिक दुष्कर्म मामले में सुनवाई सात को
Sat, 05 Nov 2022 04:53 AM IST
योगेश साहू
एजेंसी, नई दिल्ली।
एजेंसी, नई दिल्ली।
Published by: योगेश साहू
Updated Sat, 05 Nov 2022 04:53 AM IST
सार
उच्चतम न्यायालय ने अंडमान के पूर्व मुख्य सचिव के खिलाफ मामले में सुनवाई की तारीख तय करने के साथ एक अन्य दुष्कर्म और हत्या के मामले में फैसला भी सुनाया। साल 1998 के इस मामले में कोर्ट ने फांसी की सजा को आजीवन कारावास में बदल दिया।
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सुप्रीम कोर्ट
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
सुप्रीम कोर्ट अंडमान निकोबार के पूर्व मुख्य सचिव व अन्य के खिलाफ सामूहिक दुष्कर्म के आरोप से संबंधित याचिकाओं पर सात नवंबर को सुनवाई करेगा। जस्टिस कृष्ण मुरारी और जस्टिस एस रवींद्र भट की पीठ के समक्ष सुनवाई के लिए इससे संबंधित दो याचिकाएं आई थीं।
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दरअसल, एक महिला ने आरोप लगाया था कि सरकारी नौकरी का झांसा देकर मुख्य सचिव के आवास पर जितेंद्र नारायण और अन्य लोगों ने उसके साथ दुष्कर्म किया। केंद्र सरकार ने उन्हें 17 अक्तूबर निलंबित कर दिया था। कलकत्ता हाईकोर्ट ने नारायण को मामले की जांच कर रही एसआईटी के समक्ष 28 अक्तूबर तक पेश होने का निर्देश दिया है।
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हत्या के दोषी की फांसी को आजीवन कारावास में बदला
सुप्रीम कोर्ट ने 1998 में एक विधवा के दुष्कर्म और हत्या के लिए एक व्यक्ति को दी गई फांसी की सजा को शुक्रवार को आजीवन कारावास में तब्दील कर दिया। चीफ जस्टिस यूयू ललित की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ ने याचिकाकर्ता को कम से कम 30 साल की आजीवन कारावास की सजा पूरी करने का फैसला सुनाया। शीर्ष अदालत बीए उमेश की एक याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जो 1998 में बंगलूरू में एक विधवा के दुष्कर्म और हत्या में शामिल था।
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ईवीएम के बजाय मत पत्र से चुनाव कराने की मांग वाली याचिका खारिज
सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) की बजाय मत पत्र (बैलेट पेपर) से चुनाव कराने की मांग वाली याचिका खारिज कर दी। सीजेआई यूयू ललित और जस्टिस बेला एम त्रिवेदी की पीठ ने इसे गलत और बिना सोच विचार कर दाखिल की गई याचिका करार दिया। सुनवाई के दौरान पीठ ने याचिकाकर्ता से सवाल किया, आपको ईवीएम से क्या परेशानी है। जवाब में उनकी ओर से कहा गया कि ईवीएम के साथ छेड़छाड़ की जाती है। स्ट्रांग रूम में इसके साथ गड़बड़ी की जाती है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा, ऐसा भी देखने को मिलता है कि चाहे बटन कोई भी दबाओ वोट एक पार्टी को जाता है।