अखबार से कोरोना के फैलने की बात निराधार, अध्ययन में इसकी पुष्टि नहीं: डॉ हर्षवर्धन
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केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने संडे संवाद के संबोधन की शुरुआत नवरात्रि की शुभकामना के साथ की। उन्होंने कहा कि अभी से लेकर जनवरी तक केवल त्योहार ही त्योहार हैं ऐसे में हमें अधिक सतर्कता बरतने की आवश्यकता है। इस स्थिति में पीएम मोदी के बातों को मानते हुए सभी लोग मास्क पहनें और सामाजिक दूरी बना के रखें।
अखबार से कोरोना फैलने वाली बात निराधार
इस दौरान एक व्यक्ति ने स्वास्थ्य मंत्री से कहा कि अखबार के बिना सुबह की चाय फीकी लगती है। कोरोना के डर से पिछले आठ महीने से घर में अखबार बंद है। क्या हम अखबार अब मंगवा सकते हैं?
व्यक्ति के सवाल का जवाब देते हुए स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि आगर आपको सुबह की चाय अखबार के बिना फीकी लगती है तो तुरंत हॉकर से बोलकर अखबार मंगवा लें। कोरोना वायरस का संक्रमण सांस के माध्यम से फैलता है न कि अखबार के पढ़ने से। उन्होंने कहा कि अखबार पढ़ना पूरी तरह से सुरक्षित है। उन्होंने कहा कि अध्ययन में अखबार से कोरोना के फैलने की पुष्टि अभी तक नहीं हुई है।
Till now, there is no evidence validating China's claims that #COVID19 broke out simultaneously in different parts of the world in 2019.
The breakout in Wuhan has been recognised as the first report worldwide@MoHFW_INDIA#SundaySamvaadwithDrHV pic.twitter.com/QfsAM9nf25 — Dr Harsh Vardhan (@drharshvardhan) October 18, 2020
स्वास्थ्य मंत्री ने माना कोरोना के कम्युनिटी स्प्रेड होने की बात
इसी कार्यक्रम में उनसे पूछा गया कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने राज्य में सामुदायिक प्रसारण होने की बात कही है, क्या अन्य राज्यों में भी सामुदायिक प्रसारण हो रहा है? इसके जवाब में हर्षवर्धन ने स्वीकार किया कि घनी आबादी वाले क्षेत्रों में कोरोना वायरस के कम्युनिटी स्प्रेड होने की आशंका है।
पश्चिम बंगाल समेत कई राज्यों के अलग-अलग क्षेत्रों में सामुदायिक प्रसारण की सूचना मिली है। हालांकि, यह देश भर में नहीं हो रहा है। यह कई राज्यों के कुछ जिलों तक ही सीमित है। विशेष रूप से घनी आबादी वाले क्षेत्र तक। बता दें कि देश में कोरोना वायरस के मामले आने के बाद पहली बार स्वास्थ्य मंत्री ने इसके सामुदायिक प्रसारण की बात स्वीकार की है। इससे पहले वो हमेशा इस बात से इनकार करते रहे हैं।