फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Sudden drought is taking a severe form in the world read Full news in hindi

चिंताजनक: विकराल रूप ले रहा अचानक पड़ने वाला सूखा, जलवायु परिवर्तन से बारिश के पैटर्न में बदलाव का असर

Thu, 30 May 2024 05:20 AM IST
जलज मिश्रा अमर उजाला नेटवर्क
अमर उजाला नेटवर्क Published by: जलज मिश्रा Updated Thu, 30 May 2024 05:20 AM IST
सार

शोधकर्ताओं का अंदेशा है कि इन बदलावों से अचानक आने वाली बाढ़ की घटनाओं में वृद्धि हो सकती है। इन क्षेत्रों में ऐसा पहले भी देखा गया है। आकस्मिक सूखे की यह घटनाएं अचानक उत्पन्न होती हैं। इसके प्रभाव लम्बे समय तक अनुभव किए जाते हैं।

विज्ञापन
Sudden drought is taking a severe form in the world read Full news in hindi
सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : ANI

विस्तार

धीरे-धीरे बनने वाले सूखे के हालात अब अचानक बनने लगे हैं। ये घटनाएं पहले से कहीं ज्यादा विकराल हो रही हैं। एकाएक बनने वाली इन शुष्क परिस्थितियों को आकस्मिक सूखे के रूप में जाना जाता है।

विज्ञापन

जर्नल जियोफिजिकल रिसर्च लेटर्स में प्रकाशित अध्ययन में वैज्ञानिकों ने आकस्मिक पड़ने वाले सूखे की वैश्विक घटनाओं में होने वाली वृद्धि के साथ-साथ उन क्षेत्रों की भी पहचान की है, जहां हाल के दशकों में स्थिति तेजी से बदतर हुई है। वैज्ञानिकों ने इसके लिए बढ़ते वैश्विक तापमान और जलवायु परिवर्तन की वजह से बारिश के पैटर्न में आ रहे बदलावों को जिम्मेदार माना है। दक्षिण अमेरिका, विशेष रूप से दक्षिणी ब्राजील और अमेजन में आकस्मिक पड़ने वाला यह सूखा कहीं ज्यादा गंभीर रूप ले रहा है। यह परिस्स्थिति इस क्षेत्र में वनों में हो रहे भारी विनाश, बढ़ते तापमान और कम बारिश से मेल खाती है। प्रमुख शोधकर्ता और नासा की मार्शल स्पेस फ्लाइट सेंटर में जलवायु वैज्ञानिक माहेश्वरी नीलम कहती हैं कि दुनिया के कई हिस्सों में एकाएक पड़ने वाले इस सूखे द्वारा बड़े क्षेत्रों को लम्बे समय तक प्रभावित करते देखा गया है। उनके अनुसार प्रारंभिक चेतावनी प्रणाली इन मापों का उपयोग आकस्मिक सूखे में तेजी से हो रहे बदलाव का पता लगाने में कर सकती है। 

विज्ञापन

बाढ़ की घटनाओं में हो सकती है वृद्धि
शोधकर्ताओं का अंदेशा है कि इन बदलावों से अचानक आने वाली बाढ़ की घटनाओं में वृद्धि हो सकती है। इन क्षेत्रों में ऐसा पहले भी देखा गया है। आकस्मिक सूखे की यह घटनाएं अचानक उत्पन्न होती हैं। इसके प्रभाव लम्बे समय तक अनुभव किए जाते हैं। कुल मिलाकर यह परिस्थिति  पानी और खाद्य सुरक्षा के लिए चिंता का विषय है।

विज्ञापन
विज्ञापन

अफ्रीका सबसे ज्यादा प्रभावित
शोधकर्ताओं का कहना है कि अफ्रीका में कांगो, अंगोला, जाम्बिया, जिम्बाब्वे, दक्षिण अफ्रीका, लेसोथो और मेडागास्कर जैसे देश सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। अफ्रीकी क्षेत्रों में बारिश की कमी से बढ़ता तापमान अधिक समस्याएं पैदा कर रहा है।

हिंदू कुश के आसपास सूखे में कमी आई
शोध में पता चला कि मध्य एशिया में हिमालयी कराकोरम, तियानशान और हिंदू कुश जैसे ऊंचे पहाड़ों के आसपास जलक्षेत्रों में आकस्मिक सूखे के विस्तार में गिरावट आई है। यह प्रभाव वैश्विक प्रवृत्ति से अलग है। इन क्षेत्रों में जलवायु में आ रहे  बदलावों की वजह से बारिश में इजाफा हुआ है। वहां अब बर्फबारी की जगह बारिश ले रही है और बढ़ते तापमान की वजह से बर्फ पिघल रही है, नतीजन मिट्टी में नमी बरकरार है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed