स्वामी ने राजन पर बोला बड़ा हमला, लगाया सूचनाएं लीक करने का आरोप
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भाजपा नेता और सांसद सुब्रमयम स्वामी ने रिजर्व बैंक के गर्वनर रघुराम राजन पर एक बार फिर हमला बोला है। स्वामी ने एक पखवाड़े में दूसरी बार राजन के खिलाफ प्रधानमंत्री मोदी को चिट्ठी लिखकर तुरंत पद से हटाने की मांग की है। पीएम को लिखे पत्र में स्वामी ने राजन के खिलाफ छह बड़े आरोप लगाए हैं।
पूर्व में 17 मई को प्रधानमंत्री को लिखे गए पत्र में स्वामी ने आरोप लगाया था कि राजन मन से पूरी तरह भारतीय नहीं हैं, इसलिए उन्हें इस पद से हटा देना चाहिए। अब पीएम को दूसरा खत लिखते हुए स्वामी ने आरोप लगाया है कि रघुराम राजन ने जानबूझकर ब्याज दरों को ऊंचा रखा जिससे मध्यम और छोटे उद्योगों को खासा नुकसान हुआ।
आरबीआई का गर्वनर होने के नाते उन्हें ब्याज दरों को ऊंचे रखने के नुकसान का अंदाजा होना चाहिए था। स्वामी ने आरोप लगाया कि इसके पीछे राजन की राष्ट्रविरोधी मंशा ही प्रकट होती है।
पीएम को लिखे खत में लगाए छह बड़े आरोप
भाजपा नेता ने राजन पर एक और गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि राजन अपनी शिकागो यूनिवर्सिटी की ईमेल आईडी से देश के गोपनीय दस्तावेज और सूचनाएं बाहर भेजते रहे हैं। राजन ने अंतराष्ट्रीय मंच पर भारत की अर्थव्यवस्था को अंधों में काना राजा बताकर भी देश और सरकार का अपमान किया है।
प्रधानमंत्री को भेजे खत में स्वामी ने छह आरोप लगाते हुए देश हित में तत्काल राजन को हटाने की मांग की है। स्वामी ने कहा एक उच्च और संवदेनशील पद पर होने के बावजूद राजन अपने ग्रीन कार्ड के नवीनीकरण के लिए लगातार अमेरिका की यात्राएं करते रहे हैं। ऐसे पद के लिए उच्च राष्ट्रभक्ति और बिना शर्त वाली प्रतिबद्धता की जरूरत होती है।
स्वामी ने आरोप लगाया कि राजन उस 30 ग्रुप के सदस्य हैं जो अमेरिका की आर्थिक नीतियों का दुनियाभर में बचाव करता है। उन्होंने कहा कि राजन द्वारा ब्याज दरों को ऊंचा रखने पर जोर देने के कारण घरेलू लघु एवं मझोले उद्योगों में मंदी आई है। इससे उत्पादन में तो भारी गिरावट आई ही बड़ी संख्या में अर्द्धकुशल श्रमिक भी बेरोजगार हुए हैं।