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भारत और जापान की सरकार से नेताजी की बेटी ने की अपील, कहा- आजाद भारत में लाई जाएं उनकी अस्थियां

Sun, 19 Aug 2018 02:27 PM IST
नई दिल्ली, भाषा
नई दिल्ली, भाषा Updated Sun, 19 Aug 2018 02:27 PM IST
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Subhash Chandra Bose daughter appeals India and Japan government for his mortal

भारत की आजादी के लिए आजाद हिंद फौज की स्थापना करने वाले स्वतंत्रता सेनानी सुभाष चंद्र बोस की बेटी ने भारत और जापान की सरकार से अपील की है। नेताजी की बेटी अनीता बोस ने दोनों सरकारों से एक बार फिर कहा है कि उनके पिता की अस्थियां स्वदेश लाई जाएं।

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अनीता के मुताबिक 18 अगस्त, 1945 को ताइवान में एक विमान दुर्घटना में नेताजी की मौत हो गई थी और सितंबर 1945 से तोक्यो के रेनकोजी मंदिर में उनकी अस्थियां संरक्षित हैं। उन्होंने कहा, 'अपने पिता की 73वीं पुण्यतिथि पर मैं भारत और जापान की सरकारों से अपना अनुरोध दोहराती हूं कि उनकी अस्थियों को विसर्जित करने के लिए उन्हें जापान से भारत भेजने की व्यवस्था की जाए।'
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उन्होंने कहा, 'मेरे पिता की आजाद भारत में लौटने की अभिलाषा थी जो दुर्भाग्य से पूरी नहीं हो पाई। इसलिए यह उचित होगा कि कम से कम उनकी अस्थियां आजाद भारत की मिट्टी का स्पर्श कर सकें। मेरे पिता एक सच्चे हिंदू थे। इस लिहाज से उनकी अस्थियां गंगा नदी में प्रवाहित करना प्रथा के अनुरूप होगा।'
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तोक्यो स्थित 115 साल पुराने जापान-इंडिया असोसिएशन के अध्यक्ष हिरोशी हीराबायाशी ने भी भारत सरकार से नेताजी की अस्थियों को स्वदेश भेजने की व्यवस्था करने का अनुरोध किया है। गौरतलब है कि नेताजी के प्रति सम्मान दिखाने और उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए रेनकोजी मंदिर में कल वर्षिक आयोजन किया गया था।

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