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Study: कोविशील्ड का टीका लगवाने वालों में सफल साबित हुई कोर्बेवैक्स की बूस्टर खुराक, अध्ययन में किया गया दावा

Fri, 23 Dec 2022 08:01 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हैदराबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हैदराबाद Published by: निर्मल कांत Updated Fri, 23 Dec 2022 08:01 PM IST
सार

स्टडी के मुताबिक, वायरस के ओमिक्रोन वेरिएंट से लड़ने में स्वदेशी निर्मित हीटीरोलोगस कोर्बेवैक्स बूस्टर खुराक उन लोगों के लिए लाभकारी साबित हुई है, जिन्होंने कोविसील्ड के टीके लगवाए थे।

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Study report Booster dose of Corbevax proved successful in people getting Covishield vaccine
Corbevax booster shot for Covishield beneficiaries - फोटो : ANI

विस्तार

चीन समेत कई देशों कोरोना के मामलों में तेजी से इजाफा हुआ है। इसके बाद से भारत में भी नई कोविड लहर को लेकर आशंकाएं और चिंताएं जताई जा रही हैं। इस बीच, एआईजी हॉस्पिटल्स ने एक साइंटिफिक स्टडी के रिजल्ट्स जारी किए हैं। 

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स्टडी के मुताबिक, वायरस के ओमिक्रोन वेरिएंट से लड़ने में स्वदेशी निर्मित हीटीरोलोगस कोर्बेवैक्स बूस्टर खुराक उन लोगों के लिए लाभकारी साबित हुई है, जिन्होंने कोविसील्ड के टीके लगवाए थे। हीटीरोलोगस बूस्टर टीका वह होता है, जिसे किसी अन्य टीकों की प्राथमिक खुराक के बाद लगाया जाता है। 
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एआईजी हॉस्पिटल्स के प्रमुख डॉ. डी. नागेश्वर रेड्डी ने स्टडी के प्रमुख पहलुओं की व्याख्या करते हुए कहा कि यह स्टडी उन ढाई सौ स्वास्थ्य कर्मियों पर किया गया, जिन्होंने छह महीने में की अवधि के भीतर प्राथमिक टीके के रूप में कोविशील्ड की दो खुराक लगवाई है। डॉ. रेड्डी की स्टडी करने वालों की टीम शामिल थे। 
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डॉ. रेड्डी ने आगे कहा, पहला पहलू इस संयोजन की सुरक्षा परीक्षण करना था। हमें यह बताते हुए अत्यंत खुशी हो रही है कि ढाई सौ प्रतिभागियों में से एक को भी कोर्बेवैक्स बूस्टर खुराक लगने के बाद किसी किसी तरह के दुष्प्रभाव का सामना नहीं करना पड़ा। इससे हमारा भरोसा पुख्ता हुआ है कि मिश्रित टीके पूरी तरह सुरक्षित हैं। 
 
उन्होंने कहा, स्टडी के दूसरे पहलू में तीन दिन और फिर नब्बे दिन पर एंटीबॉडी प्रतिक्रिया व टी-सैल (स्मृति कोशिका) प्रतिक्रिया का आकलन करना था, ताकि ओमिक्रॉन वेरिएंट के खिलाफ सुरक्षा का सटीक अनुमान लगाया जा सके। कोर्बेवैक्स ने बूस्टर खुराक के रूप में तीन दिन और नब्बे दिन दोनों स्तर पर एंटीबॉडी का उच्च स्तर प्रदर्शित किया। 


इस स्टडी को वैक्सीन्स मैग्जीन में प्रकाशित किया गया है, जिसमें बताया गया है कि ढाई सौ प्रतिभागियों में से दस लोग बूस्टर खुराक लेने की तीन दिन के बाद कोविड संक्रमित हुए। 

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