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मेला देखने के लिए नोट नहीं मिले तो छात्र ने फांसी लगा कर दी जान
ब्यूरो/ अमर उजाला, अनूपशहर (बुलंदशहर)
Updated Wed, 16 Nov 2016 06:45 AM IST
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suicide
नोट न मिलने पर 12वीं के एक छात्र ने खुदकुशी कर ली। छात्र अपनी मां से गंगा मेला देखने के लिए रुपये मांग रहा था। सोमवार देर शाम उसने लकड़ी की सीढ़ी पर साड़ी का फंदा लगाकर जान दे दी। बताया जा रहा है कि रविवार को वह दिनभर बैंक के बाहर लाइन में लगा रहा, लेकिन उसका नंबर नहीं आया।
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अनूपशहर कोतवाली क्षेत्र के गांव मलकपुर निवासी मोहन सिंह ने पुलिस को दी तहरीर में कहा है कि उसका बेटा प्रेमवीर बीएसएफ में हवलदार के पद पर है। वह इन दिनों चीन बॉर्डर पर तैनात है। प्रेमवीर अनूपशहर के मोहल्ला देहली गेट में मकान है, जहां प्रेमवीर की पत्नी विजय, दो बेटी और बेटा सुमित चौधरी (18) के साथ रहती है। सुमित रविवार दोपहर से अपनी मां से मेला देखने के लिए रुपये मांग रहा था। नोट बंदी के चलते विजय के पास खुले रुपये नहीं थे। नोट बदलने के लिए रविवार दिन भर बैंक की लाइन में लगने के बाद भी उसका नंबर नहीं आया।
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सोमवार शाम एक बार फिर सुमित ने मेला देखने के लिए अपनी मां से रुपयों की मांग की। विजय ने सुमित से रुपये खुले न होने पर असमर्थता जताई। मोहन सिंह ने बताया कि सोमवार रात 8:30 बजे सुमित ने घर के एक कमरे में रखी लकड़ी की सीढ़ी को दीवार के सहारे रखा और उसमें साड़ी का फंदा बना कर फांसी लगा ली।
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सुमित जेपी विद्या मंदिर स्कूल में 12वीं कक्षा में पढ़ता था। अनूपशहर के एसडीएम भैरपाल सिंह, बताया कि शुरुआती जांच में घर में खुले रुपये न होने के कारण सुमित द्वारा आत्महत्या की बात सामने आ रही है। प्रशासन मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रहा है।