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Online Gaming: ऑनलाइन गेमिंग नियामक की सख्त जरूरत, गुजरात नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी की रिपोर्ट में सिफारिश
Thu, 05 Sep 2024 06:50 AM IST
विशांत श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: विशांत श्रीवास्तव
Updated Thu, 05 Sep 2024 06:50 AM IST
सार
गुजरात नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी की रिपोर्ट में सरकार से सिफारिश की है कि यूजर्स की सुरक्षा के लिए ऑनलाइन गेमिंग नियामक की सख्त जरूरत है।
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ऑनलाइन गेमिंग (सांकेतिक तस्वीर)
- फोटो : freepik
विस्तार
तेजी से बढ़ रहे ऑनलाइन गेमिंग के लिए इस समय एकीकृत नियामक की सख्त जरूरत है। गुजरात नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी (जीएनएलयू) ने रिपोर्ट में सरकार से इसकी सिफारिश की है। इससे यूजर्स की सुरक्षा की जा सकेगी। किसी भी उभरती हुई तकनीक की तरह इस क्षेत्र के तेज विस्तार ने ग्राहकों की सुरक्षा और वित्तीय जोखिमों से संबंधित चुनौतियां पैदा कर दी है।
जीएनएलयू की रिपोर्ट के अनुसार, ऑनलाइन गेमिंग उद्योग के आर्थिक विकास की क्षमताओं व यूजर्स की सुरक्षा के बीच संतुलन की जरूरत है। जीएनएलयू के निदेशक डॉ. संजीवी शांताकुमार ने कहा, यह रिपोर्ट व्यापक शोध एवं विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों से विमर्श के आधार पर तैयार की गई है। इसमें की गई सिफारिशें अगर लागू होती हैं तो भारत में इस उद्योग को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका हो सकती है।
भरत में 50 करोड़ से ज्यादा गेमर्स हैं। चीन के बाद यह दूसरा सबसे बड़ा यूजर्स वाला देश है। बावजूद इसके यूजर्स की सुरक्षा को लेकर कोई तैयारी नहीं है। इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी मंत्रालय के पूर्व वरिष्ठ निदेशक (साइबर लॉ एंड डाटा गवर्नेंस) राकेश माहेश्वरी ने कहा, इस रिपोर्ट से भारत में ऑनलाइन गेमिंग के नियमन को लेकर नया पहलू सामने आया है। ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स को यूजर्स को ऐसे साधन देकर मजबूत करना चाहिए, जिनसे वे अपनी गेमिंग को नियंत्रित कर सकें।
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जीएनएलयू की रिपोर्ट के अनुसार, ऑनलाइन गेमिंग उद्योग के आर्थिक विकास की क्षमताओं व यूजर्स की सुरक्षा के बीच संतुलन की जरूरत है। जीएनएलयू के निदेशक डॉ. संजीवी शांताकुमार ने कहा, यह रिपोर्ट व्यापक शोध एवं विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों से विमर्श के आधार पर तैयार की गई है। इसमें की गई सिफारिशें अगर लागू होती हैं तो भारत में इस उद्योग को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका हो सकती है।
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भरत में 50 करोड़ से ज्यादा गेमर्स हैं। चीन के बाद यह दूसरा सबसे बड़ा यूजर्स वाला देश है। बावजूद इसके यूजर्स की सुरक्षा को लेकर कोई तैयारी नहीं है। इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी मंत्रालय के पूर्व वरिष्ठ निदेशक (साइबर लॉ एंड डाटा गवर्नेंस) राकेश माहेश्वरी ने कहा, इस रिपोर्ट से भारत में ऑनलाइन गेमिंग के नियमन को लेकर नया पहलू सामने आया है। ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स को यूजर्स को ऐसे साधन देकर मजबूत करना चाहिए, जिनसे वे अपनी गेमिंग को नियंत्रित कर सकें।
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