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Centre: किसानों को यूरिया और डीएपी के साथ नहीं बेच सकेंगे कीटनाशक, सरकार ने उर्वरक निर्माताओं को दी चेतावनी

Sat, 26 Jul 2025 06:51 PM IST
बशु जैन न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: बशु जैन Updated Sat, 26 Jul 2025 06:51 PM IST
सार

उर्वरक निर्माताओं को लिखे पत्र में सरकार ने कहा कि संज्ञान में आया है कि कुछ गैर-सब्सिडी वाले उत्पाद जैसे कीटनाशक, नैनो उर्वरक, जैव-उत्तेजक और अन्य उत्पादों को किसानों को बिक्री के समय यूरिया और डीएपी-एनपीके जैसे सब्सिडी वाले उर्वरकों के साथ जबरन दिया जा रहा है। इस पर तुरंत रोक लगाई जाए। 
 

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strict action against tagging non-subsidised products to subsidized fertilisers, government warns fertilizer m
शिवराज सिंह चौहान, केंद्रीय कृषि मंत्री - फोटो : amarujala.com

विस्तार

उवर्रक कंपनियां अब किसानों को यूरिया और डीएपी के साथ जबरन कीटनाशक, नैनो फर्टिलाइजर नहीं बेच सकेंगीं। लगातार मिल रही शिकायतों के बाद  रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय ने खाद निर्माताओं को सख्त चेतावनी दी है। उर्वरक निर्माताओं को लिखे पत्र में कहा गया है कि विभाग के संज्ञान में आया है कि कुछ गैर-सब्सिडी वाले उत्पाद जैसे कीटनाशक, नैनो उर्वरक, जैव-उत्तेजक और अन्य उत्पादों को किसानों को बिक्री के समय यूरिया और डीएपी-एनपीके जैसे सब्सिडी वाले उर्वरकों के साथ जबरन दिया जा रहा है।
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विभाग ने कहा कि उर्वरक आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 के तहत आवश्यक वस्तु है। इसलिए सब्सिडी वाले उर्वरकों के साथ अन्य उत्पादों की अनधिकृत टैगिंग कानून के साथ-साथ उर्वरक नियंत्रण आदेश, 1985 का उल्लंघन है। विभाग ने कहा कि ऐसे मामलों को कम करने के लिए एडवाइजरी भी जारी की जा चुकी है। 
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विभाग ने कहा कि डीएपी और यूरिया के साथ जबरन कीटनाशक और अन्य उत्पाद देने जैसे मामलों से किसानों पर अनुचित वित्तीय बोझ पड़ता है। विभाग को लगातार इसकी शिकायतें मिल रही हैं। इससे पता चलता है कि यह गलत प्रथा व्यापक और लगातार जारी है। यह सरकार के उर्वरक सब्सिडी ढांचे के उद्देश्य को कमजोर कर रही है।
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विभाग ने उर्वरक निर्माताओं के शीर्ष प्रबंधन को निर्देश दिया कि सख्ती से सुनिश्चित किया जाए कि किसानों के लिए गैर-सब्सिडी वाले उत्पादों को सब्सिडी वाले उर्वरकों के साथ टैग न किया जाए। इस तरह के कदाचार के किसी भी उदाहरण पर संबंधित वैधानिक प्रावधानों के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।


केंद्रीय कृषि मंत्री ने भी लिखा था पत्र
इस महीने केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इस मामले में सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों को पत्र लिखा था। चौहान ने कहा था कि पारंपरिक उर्वरकों के साथ नैनो-उर्वरकों या जैव-उत्तेजक उत्पादों को जबरन टैग करने पर तुरंत रोक लगाई जानी चाहिए। उन्होंने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से नकली और घटिया उर्वरकों की बिक्री के खिलाफ तत्काल और कड़ी कार्रवाई करने के लिए भी कहा था। 2022-23 में केंद्र की उर्वरक सब्सिडी 2,54,798.88 करोड़ रुपये थी। 2023-24 में यह सब्सिडी घटकर 1,95,420.51 करोड़ रुपये और 2024-25 में 1,77,129.50 करोड़ रुपये रह जाएगी।

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