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हाईवे किनारे शराबबंदी के फैसले की दिलचस्प कहानी

Sun, 18 Dec 2016 05:30 PM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, दिल्ली
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, दिल्ली Updated Sun, 18 Dec 2016 05:30 PM IST
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Story behind liquor ban on highways

सुप्रीम कोर्ट ने पिछले हफ्ते हाईवे के किनारे शराब बिक्री पर रोक लगा दी। हालांकि यह रोक 2017 से प्रभावी होगी। इसके पीछे शराब ठेकों को मिले तय समय सीमा के लाइसेंस हैं, जिनकी मियाद 2017 में खत्म होगी। लेकिन सुप्रीम कोर्ट के इस ऐतिहासिक फैसले कि पीछे वजह क्या है और कौन है वह शख्स जिसने वर्षो तक इस फैसले के लिए दिन-रात एक कर दिया? 

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बहुत से लोगों को यह जानकारी नहीं है कि हाईवे किनारे शराबबंदी का सर्वोच्च न्यायालय का फैसला हर सिंह सिद्धू नाम के शख्स की हादसे के बाद बदली जिंदगी का परिणाम है। सिद्धू ने ही अदालत में हाईवे किनारे शराबबंदी के खिलाफ जनहित याचिका डाली थी। सिद्धू ने ऐसा नहीं किया होता, अगर वे 20 साल पहले उस दर्दनाक हादसे का शिकार न हुए होते। बात 1996 के अक्टूबर माह की है। सिद्धू अपने तीस दोस्तों के समूह में हिमाचल के रेणुका इलाके से चंडीगढ़ के लिए कार से जा रहे थे। 
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रास्ते में जंगलों से गुजरते हुए सिद्धू को जंगली जानवरों को देखने की ललक हुई और उन्होंने हाईवे के किनारे की कच्ची सड़क पर गाड़ी उतार दी। कच्ची सड़क पर गाड़ी फिसल गई और 60-70 फुट नीचे खाई में जा गिरी। गाड़ी में सवार सिद्दू के दोस्त तो बच गए लेकिन उनकी रीढ़ की हड्डी में गंभीर चोट लगी। इसकी वजह से सिद्धू की गर्दन के नीचे के हिस्से ने काम करना बंद कर दिया। जिस वक्त उनके साथ यह हादसा हुआ, उनकी उम्र 26 वर्ष थी। तब से सिद्धू व्हीलचेयर पर गुजर-बसर कर रहे हैं। इस हादसे ने सिद्धू को सड़क दुर्घटनाओं से जुड़ी जानकारियां जुटाने के लिए प्रेरित किया।

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30-35 फीसदी सड़क हादसों की वजह शराब पीकर गाड़ी चलाना

Story behind liquor ban on highways

सिद्धू ने अपनी रिसर्च में पाया कि भारत में हर 4 मिनट में सड़क हादसे में एक मौत होती है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के आंकड़े के मुताबिक 30-35 फीसदी सड़क हादसे शराब पीकर गाड़ी चलाने से होते हैं। सिद्धू ने 2012 जो सर्वे किया, उसके पानीपत से जालंधर के बीच करीब 291 किलोमीटर का फासला है। इतनी दूरी में हाईवे किनारे 185 शराब के ठेके हैं। इस हिसाब से हर डेढ़ किलोमीटर में एक ठेका हुआ। 

तमाम आंकड़े जुटाकर सिद्धू ने कोर्ट में हाईवे किनारे शराबबंदी के लिए जनहित याचिका डाली। इसके बाद पंजाब और हरियाणा में हाईवे किनारे के करीब 1000 ठेके बंद भी किए गए। लेकिन दोनों राज्यों की सरकारों ने सुप्रीम कोर्ट से स्टे ले लिया।

लेकिन सुप्रीम कोर्ट में चले इस मुकदमे में आखिरकार जीत सिद्धू के हौसले और धर्य की हुई। पिछले हफ्ते सुप्रीम कोर्ट ने हाईवे किनारे शराबबंदी का ऐतिहासिक फैसला सुनाया।

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