फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   States should insist on RT PCR test more than rapid corona test

Covid-19 : जांच को चकमा दे सकता है कोरोना, सरकारी समिति ने कहा- रैपिड से ज्यादा आरटी-पीसीआर जांच पर जोर दें राज्य

Fri, 08 Jul 2022 05:11 AM IST
Jeet Kumar परीक्षित निर्भय, नई दिल्ली।
परीक्षित निर्भय, नई दिल्ली। Published by: Jeet Kumar Updated Fri, 08 Jul 2022 05:11 AM IST
सार

देश के अधिकांश राज्य रैपिड एंटीजन किट का इस्तेमाल कर रहे हैं जबकि नए सब वैरिएंट बीए.4, बीए.5 और बीए.2.75 जांच के पैरामीटर को प्रभावित कर सकते हैं, इनमें क्षमता अधिक है।

विज्ञापन
States should insist on RT PCR test more than rapid corona test
कोरोना के मामले - फोटो : पीटीआई

विस्तार

एक बार फिर कोरोना वायरस ने वैज्ञानिकों को चिंता में डाल दिया है। वैज्ञानिकों का कहना है कि वायरस का नया सब वैरिएंट जांच को चकमा दे सकता है। वर्तमान में आरटी-पीसीआर और रैपिड एंटीजन किट से जांच हो रही है लेकिन नई दिल्ली स्थित आईजीआईबी के शोधार्थियों ने यह निष्कर्ष निकाला है कि वायरस के नए परिवर्तनों से जांच पर गंभीर असर पड़ सकता है। लैब में कोविड जांच किट के साथ आवृत्ति चैक करने पर यह जानकारी मिली है। 

विज्ञापन


इसी आधार पर सरकार की विशेषज्ञ समिति ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय से सिफारिश की है कि वे राज्यों के साथ बैठक में यह समझाने का प्रयास करें कि आरटी-पीसीआर जांच पर ही जोर दिया जाएगा। देश के अधिकांश राज्य रैपिड एंटीजन किट का इस्तेमाल कर रहे हैं जबकि नए सब वैरिएंट बीए.4, बीए.5 और बीए.2.75 जांच के पैरामीटर को प्रभावित कर सकते हैं, इनमें क्षमता अधिक है।
विज्ञापन


देश में अब तक कुल जांच  86.53 करोड़
इसके जरिए संक्रमण की पहचान करना आसान है। देश में 60% सैंपल की जांच इसी तकनीक से करने का नियम है, लेकिन अधिकांश राज्य इसका पालन नहीं कर रहे हैं।

पहले भी संक्रमण की जांच में आई दिक्कत
आईजीआईबी के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. विनोद स्कारिया ने कहा, उनके शोधार्थीयों की रिपोर्ट बताती है कि सब वैरिएंट बीए.2.75 में म्यूटेशन कोरोना वायरस की डायग्नोस्टिक पैरामीटर पर असर डाल सकते हैं। भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के एक वरिष्ठ वैज्ञानिक ने कहा, कुछ राज्यों में देखा गया कि रैपिड एंटीजन के इस्तेमाल के कारण वहां संक्रमण स्त्रोत भी लापता थे।
विज्ञापन
विज्ञापन


भारत जैसे देशों में मिल रहा ओमिक्रॉन का उप स्वरूप : डब्ल्यूएचओ
भारत के कुछ राज्यों में ओमिक्रॉन के नए सब-वैरिएंट का पता चला है, जिसका नाम बीए.2.75 है। यह जानकारी देते हुए विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के महानिदेशक जनरल टेड्रोस अदनोम घेब्रेयसस ने कहा, यूरोप-अमेरिका में बीए.4 और बीए.5 के मामले हैं। भारत जैसे देशों में बीए.2.75 के नए सब वैरिएंट का खतरा बढ़ गया है। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने अपनी रिपोर्ट में दावा किया कि यह वैरिएंट भारत में पहली बार सामने आया, उसके बाद यह 10 अन्य देशों में मिला।


एक दिन में फिर 18 हजार से ज्यादा नए मरीज मिले, 35 की मौत
देश में फिर से कोरोना संक्रमण के दैनिक मामले 18 हजार का आंकड़ा पार कर गए। बीते एक दिन में नए मामलों में करीब 17 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

बृहस्पतिवार को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने जानकारी दी है कि बीते एक दिन में 18,930 मामले सामने आए हैं। यह संख्या बुधवार के मुकाबले 2771 ज्यादा है। एक दिन पहले 16,159 मामले सामने आए थे। वहीं देश में कोरोना से होने वाली मौतों की संख्या में भी उछाल हुआ है। कोरोना से देश में 35 लोगों की मौत हुई है। इनमें केरल में ही 19 की जान गई है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed