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Supreme Court: ‘सत्ता परिवर्तन के बाद वकीलों का पैनल बदल रहे हैं राज्य’, कोर्ट ने कहा- इस बात का रखें ध्यान
Tue, 02 Apr 2024 03:31 PM IST
मिथिलेश नौटियाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: मिथिलेश नौटियाल
Updated Tue, 02 Apr 2024 03:31 PM IST
सार
Supreme Court: सुप्रीम कोर्ट ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से कहा है कि अपने सूचीबद्ध वकीलों को बदलते समय यह सुनिश्चित करें कि अदालत के कामकाज पर असर ना पड़े।
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सुप्रीम कोर्ट
- फोटो : ANI
विस्तार
सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि तमाम राज्य और केंद्र शासित प्रदेश कभी भी अपने सूचीबद्ध अधिवक्ता बदल सकते हैं लेकिन सभी को एक बात का ध्यान रखना होगा। अपने सूचीबद्ध वकीलों को बदलते समय यह सुनिश्चित करना होगा कि अदालत के कामकाज पर असर ना पड़े। कोर्ट ने कहा कि अधिवक्ताओं के पैनल को बदलते समय राज्यों को कम से कम छह सप्ताह तक पुराने पैनल को जारी रखना चाहिए। इससे न्यायालयों को स्थगन देने के लिए मजबूर न होना पड़े।
सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा?
इस मामले में न्यायमूर्ति अभय एस ओका और न्यायमूर्ति उज्जल भुइयां की पीठ ने कहा कि एक राजनीतिक दल से दूसरे राजनीतिक दल में सत्ता परिवर्तन के बाद सभी राज्य और केंद्र शासित प्रदेश अदालत में पेश होने वाले अपने अधिवक्ताओं के पैनल को बदल रहे हैं। इस वजह से कोर्ट को परिवर्तन के आधार पर समय-समय पर स्थगन देना जरूरी है। कोर्ट ने आगे कहा कि यह सच है कि उनके पास अपने सूचीबद्ध अधिवक्ताओं को बदलने की शक्ति है, लेकिन इस बात का भी ध्यान रखने की जरूरत है कि कोर्ट के कामकाज पर असर ना पड़े। इसलिए, राज्य और केंद्र शासित प्रदेश ऐसा बदलाव करते समय अधिवक्ताओं के पुराने पैनल को कम से कम छह सप्ताह तक जारी रख सकते हैं। इससे न्यायालयों को स्थगन देने के लिए मबूर नहीं होना पड़ेगा।
धोखाधड़ी के मामले में चल रही थी सुनवाई
शीर्ष अदालत ने इस आदेश की एक प्रति सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों का प्रतिनिधित्व करने वाले स्थायी वकील को प्रसारित करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने यह टिप्पणी धोखाधड़ी के एक मामले में जमानत मांगने वाले एक व्यक्ति द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए की।
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सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा?
इस मामले में न्यायमूर्ति अभय एस ओका और न्यायमूर्ति उज्जल भुइयां की पीठ ने कहा कि एक राजनीतिक दल से दूसरे राजनीतिक दल में सत्ता परिवर्तन के बाद सभी राज्य और केंद्र शासित प्रदेश अदालत में पेश होने वाले अपने अधिवक्ताओं के पैनल को बदल रहे हैं। इस वजह से कोर्ट को परिवर्तन के आधार पर समय-समय पर स्थगन देना जरूरी है। कोर्ट ने आगे कहा कि यह सच है कि उनके पास अपने सूचीबद्ध अधिवक्ताओं को बदलने की शक्ति है, लेकिन इस बात का भी ध्यान रखने की जरूरत है कि कोर्ट के कामकाज पर असर ना पड़े। इसलिए, राज्य और केंद्र शासित प्रदेश ऐसा बदलाव करते समय अधिवक्ताओं के पुराने पैनल को कम से कम छह सप्ताह तक जारी रख सकते हैं। इससे न्यायालयों को स्थगन देने के लिए मबूर नहीं होना पड़ेगा।
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धोखाधड़ी के मामले में चल रही थी सुनवाई
शीर्ष अदालत ने इस आदेश की एक प्रति सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों का प्रतिनिधित्व करने वाले स्थायी वकील को प्रसारित करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने यह टिप्पणी धोखाधड़ी के एक मामले में जमानत मांगने वाले एक व्यक्ति द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए की।
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