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स्टार्टअप महाकुंभ: भारत 7 लाख करोड़ डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने के करीब, प्रौद्योगिकी से होगी नवाचार की क्रांति
Fri, 04 Apr 2025 06:53 AM IST
शुभम कुमार
अमर उजाला ब्यूरो/एजेंसी
अमर उजाला ब्यूरो/एजेंसी
Published by: शुभम कुमार
Updated Fri, 04 Apr 2025 06:53 AM IST
सार
भारत 7 लाख करोड़ डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने की ओर तेजी से आगे बढ़ रहा है। इस लक्ष्य को हासिल करने में प्रौद्योगिकी क्षेत्र की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। संभावनाएं है कि प्रौद्योगिकी क्षेत्र जीडीपी में करीब 1,000 अरब डॉलर का योगदान दे सकता है। देश को सात लाख करोड़ डॉलर की जीडीपी बनाने के लिए तकनीकी क्षेत्र को नवाचार की अगुवाई करनी होगी और खासकर डीप टेक के जरिये।
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स्टार्टअप महाकुंभ
- फोटो : अमर उजाला प्रिंट
विस्तार
भारत 2030 तक 7 लाख करोड़ डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने की ओर तेजी से आगे बढ़ रहा है। इस लक्ष्य को हासिल करने में प्रौद्योगिकी क्षेत्र की महत्वपूर्ण भूमिका होगी, जो 2030 तक जीडीपी में करीब 1,000 अरब डॉलर का योगदान दे सकता है। इससे नवाचार को बढ़ावा मिलेगा, जो न सिर्फ भारत बल्कि वैश्विक समस्याओं के समाधान में सक्षम होगा। नैसकॉम के अध्यक्ष राजेश नांबियार ने कहा, भारत के भविष्य को आकार देने में प्रौद्योगिकी का बड़ा योगदान होगा। देश को सात लाख करोड़ डॉलर की जीडीपी बनाने के लिए तकनीकी क्षेत्र को नवाचार की अगुवाई करनी होगी और खासकर डीप टेक के जरिये। यह स्वास्थ्य और वित्तीय सेवाओं जैसे विभिन्न क्षेत्रों में महत्वपूर्ण बदलाव लाने में भी सहायक होगा।
स्टार्टअप महाकुंभ नांबियार का बयान
नांबियार ने बृहस्पतिवार को स्टार्टअप महाकुंभ के उद्घाटन पर कहा कि 2047 तक विकसित भारत बनने का दृष्टिकोण न सिर्फ आर्थिक वृद्धि से बल्कि प्रौद्योगिकी नवाचार से भी आकार लेगा। तीन से पांच अप्रैल तक नई दिल्ली में आयोजित स्टार्टअप महाकुंभ में 50 से अधिक देशों के स्टार्टअप, निवेशक और उद्योग प्रमुख शामिल हो रहे हैं।
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वैश्विक स्टार्टअप तंत्र में भारत मजबूत
नैसकॉम अध्यक्ष ने कहा, वैश्विक स्टार्टअप परिदृश्य में भारत की स्थिति मजबूत है। देश दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप हब बन गया है, जहां करीब 35,000 स्टार्टअप हैं। भारत में बीते साल वैश्विक स्तर पर दूसरी सबसे बड़ी संख्या में यूनिकॉर्न (एक अरब डॉलर से अधिक मूल्यांकन वाले स्टार्टअप) बने हैं।
नवाचार से हासिल होगा विकसित राष्ट्र का लक्ष्य
एसोचैम के अध्यक्ष संजय नायर ने कहा, विकसित भारत का विजन मूल रूप से वैश्विक प्रतिस्पर्धा और नवाचार पर निर्भर करता है। इसके लिए कृषि, स्वास्थ्य सेवा और वित्तीय समावेशन जैसे क्षेत्रों में अहम भूमिका निभाने के लिए स्टार्टअप को काफी अधिक फंड की जरूरत होगी। साथ ही नायर ने कहा, हमने पिछले दशक में 150 अरब डॉलर से अधिक के फंड जुटाए हैं। अब हमें बहुत अधिक पूंजी की आवश्यकता है।
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देश सुरक्षित हाथों में
केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद ने कहा, देश मजबूत सरकार के सुरक्षित हाथों में है। भारत स्टार्टअप तंत्र के जरिये सुधार, प्रदर्शन और परिवर्तन के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने कहा, दुनिया को बताना होगा कि भारत चुनौतियों से लड़ने के लिए तैयार है, क्योंकि हमारे पास प्रतिभा और कौशल है। चुस्त सरकार है। नीतियां मजबूत और स्थिर हैं।
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स्टार्टअप महाकुंभ नांबियार का बयान
नांबियार ने बृहस्पतिवार को स्टार्टअप महाकुंभ के उद्घाटन पर कहा कि 2047 तक विकसित भारत बनने का दृष्टिकोण न सिर्फ आर्थिक वृद्धि से बल्कि प्रौद्योगिकी नवाचार से भी आकार लेगा। तीन से पांच अप्रैल तक नई दिल्ली में आयोजित स्टार्टअप महाकुंभ में 50 से अधिक देशों के स्टार्टअप, निवेशक और उद्योग प्रमुख शामिल हो रहे हैं।
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वैश्विक स्टार्टअप तंत्र में भारत मजबूत
नैसकॉम अध्यक्ष ने कहा, वैश्विक स्टार्टअप परिदृश्य में भारत की स्थिति मजबूत है। देश दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप हब बन गया है, जहां करीब 35,000 स्टार्टअप हैं। भारत में बीते साल वैश्विक स्तर पर दूसरी सबसे बड़ी संख्या में यूनिकॉर्न (एक अरब डॉलर से अधिक मूल्यांकन वाले स्टार्टअप) बने हैं।
- 2023 की तुलना में 2024 में टेक स्टार्टअप के आईपीओ की संख्या तीन गुना बढ़ने से इस रफ्तार को और बल मिलेगा।
- प्रौद्योगिकी क्षेत्र ने 2024 में देश की अर्थव्यवस्था में 283 अरब डॉलर (जीडीपी का 7.3 फीसदी) का महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
नवाचार से हासिल होगा विकसित राष्ट्र का लक्ष्य
एसोचैम के अध्यक्ष संजय नायर ने कहा, विकसित भारत का विजन मूल रूप से वैश्विक प्रतिस्पर्धा और नवाचार पर निर्भर करता है। इसके लिए कृषि, स्वास्थ्य सेवा और वित्तीय समावेशन जैसे क्षेत्रों में अहम भूमिका निभाने के लिए स्टार्टअप को काफी अधिक फंड की जरूरत होगी। साथ ही नायर ने कहा, हमने पिछले दशक में 150 अरब डॉलर से अधिक के फंड जुटाए हैं। अब हमें बहुत अधिक पूंजी की आवश्यकता है।
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देश सुरक्षित हाथों में
केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद ने कहा, देश मजबूत सरकार के सुरक्षित हाथों में है। भारत स्टार्टअप तंत्र के जरिये सुधार, प्रदर्शन और परिवर्तन के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने कहा, दुनिया को बताना होगा कि भारत चुनौतियों से लड़ने के लिए तैयार है, क्योंकि हमारे पास प्रतिभा और कौशल है। चुस्त सरकार है। नीतियां मजबूत और स्थिर हैं।