{"_id":"67b3478f37903b28cd026a13","slug":"stampede-incidents-in-india-from-new-delhi-railway-station-to-mahakumbh-and-rajasthan-himachal-pradesh-know-in-2025-02-17","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"18 दिन के अंदर भगदड़ की दो बड़ी घटनाएं: भारत को पहले भी चौंका चुके हैं ऐसे हादसे, 2005 का हादसा था सबसे घातक","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
18 दिन के अंदर भगदड़ की दो बड़ी घटनाएं: भारत को पहले भी चौंका चुके हैं ऐसे हादसे, 2005 का हादसा था सबसे घातक
Mon, 17 Feb 2025 07:58 PM IST
कीर्तिवर्धन मिश्र
न्यूज डेस्क, अमर उजाला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला
Published by: कीर्तिवर्धन मिश्र
Updated Mon, 17 Feb 2025 07:58 PM IST
विज्ञापन
निरंतर एक्सेस के लिए सब्सक्राइब करें
सार
आगे पढ़ने के लिए लॉगिन या रजिस्टर करें
अमर उजाला प्रीमियम लेख सिर्फ रजिस्टर्ड पाठकों के लिए ही उपलब्ध हैं
अमर उजाला प्रीमियम लेख सिर्फ सब्सक्राइब्ड पाठकों के लिए ही उपलब्ध हैं
फ्री ई-पेपर
सभी विशेष आलेख
सीमित विज्ञापन
सब्सक्राइब करें
भारत में भगदड़ की घटनाएं।
- फोटो :
अमर उजाला
विस्तार
देश की राजधानी के सबसे व्यस्त और अहम रेलवे स्टेशन पर शनिवार की रात दर्दनाक हादसा हुआ। स्टेशन पर यात्रियों की भारी भीड़ उमड़ने से भगदड़ मच गई। हादसे में 18 यात्रियों की मौत हो गई, जबकि 20 से अधिक घायल हो गए हैं। बताया गया है कि यह भीड़ महाकुंभ में जाने के लिए रेलवे स्टेशन पर उमड़ आई थी। इसे काबू करने के लिए सुरक्षाबलों की पर्याप्त मौजूदगी ने बड़ी मुश्किलें पैदा कर दीं। इसके चलते स्टेशन पर अफरा-तफरी का माहौल रहा और भीड़ में शामिल लोग संभल न पाने की वजह से एक-दूसरे को रौंदते हुए निकल गए।ऐसे में यह जानना अहम है कि बीते वर्षों में आखिर भारत में किस तरह भगदड़ की घटनाओं ने सैकड़ों लोगों की जान लगी है? ये हादसे कहां-कहां हो चुके हैं? अलग-अलग मौकों पर हुईं इन घटनाओं की वजह क्या है? इसके अलावा रेलवे स्टेशन पर ही इस तरह की कोई घटना आखिरी बार कब हुई थी? आइये जानते हैं...
बीते वर्षों में कहां-कहां हुईं भगदड़ की घटनाएं?
वजह क्या?
महाकुंभ में मौनी अमावस्या स्नान के लिए उमड़ी भीड़ के कारण संगम नोज पर मंगलवार की देर रात करीब डेढ़ बजे बैरिकेडिंग टूट गई। इस दौरान हादसे में 30 श्रद्धालुओं की मौत हो गई, जबकि 60 लोग जख्मी हो गए। फिलहाल 36 घायलों का एसआरएन अस्पताल में उपचार चल रहा है, जबकि अन्य को उपचार के बाद परिजन साथ ले गए।
वजह क्या?
महाकुंभ में मौनी अमावस्या स्नान के लिए उमड़ी भीड़ के कारण संगम नोज पर मंगलवार की देर रात करीब डेढ़ बजे बैरिकेडिंग टूट गई। इस दौरान हादसे में 30 श्रद्धालुओं की मौत हो गई, जबकि 60 लोग जख्मी हो गए। फिलहाल 36 घायलों का एसआरएन अस्पताल में उपचार चल रहा है, जबकि अन्य को उपचार के बाद परिजन साथ ले गए।
वजह क्या?
तिरुमाला पहाड़ियों पर स्थित तिरुपति मंदिर में बैकुंठ द्वार दर्शन टिकट वितरण केंद्र के पास भगदड़ मच गई थी। उस दौरान करीब 4 हजार भक्त लाइन में लगे थे, जानकारी के मुताबिक, भक्त जब 10 दिवसीय विशेष दर्शन के लिए टोकन का इंतजार कर रहे थे। इस दौरान जब अस्वस्थ महसूस कर रही एक महिला की मदद के लिए गेट खोला गया था, तभी भीड़ एक साथ आगे बढ़ गई और अफरा-तफरी मच गई। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पर्याप्त व्यवस्था न होने के कारण देर शाम भगदड़ मच गई थी। उसी वक्त अचानक भगदड़ मच गई थी। टिकट काउंटर पर भगदड़ मचने के बाद 8 लोगों की मौत हो गई थी। इस घटना पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, कांग्रेस सांसद राहुल गांधी, आंध्र प्रदेश के सीएम चंद्रबाबू नायडू और पूर्व सीएम जगन मोहन रेड्डी ने दुख जताया था।
वजह क्या?
यूपी के हाथरस में स्थित फुलरई मुगलगढ़ी के सिकंदराराऊ में दो जुलाई को सूरजपाल उर्फ नारायण साकार हरि के सत्संग में भगड़द मच गई। सत्संग में राजस्थान, मध्यप्रदेश, हरियाणा सहित कई राज्यों के लोग आए थे। बताया जाता है कि बाबा के सत्संग समाप्ति की घोषणा के साथ ही बाबा की प्राइवेट आर्मी ने कार्यक्रम स्थल की सारी व्यवस्था को पूरी तरह से अपने कब्जे में ले लिया। लेकिन भीड़ को संभालने के लिए न ही बाबा की निजी आर्मी और न ही पुलिसकर्मी पर्याप्त थे।
इस दौरान जब बाबा का काफिला निकला तब भीड़ को रोक दिया गया। इस दौरान चरणों की रज लेने के चक्कर में अनुयायी अनियंत्रित हो गए। भगदड़ के दौरान लोग मरते रहे और बाबा के कारिंदे गाड़ियों से भागते रहे। किसी ने भी रुककर हालात को जानने की कोशिश नहीं की। हादसे में पुलिस व प्रशासनिक स्तर पर भी लापरवाही सामने आई।
वजह क्या?
माता वैष्णो देवी के दरबार में 2022 पर नए साल की अल-सुबह करीब 2.15 बजे भारी भीड़ के बीच मची भगदड़ में 12 श्रद्धालुओं की मौत हो गई, जबकि 16 अन्य घायल हो गए। मरने वालों में ज्यादातर लोग उत्तर प्रदेश और दिल्ली के थे। यह हादसा गर्भगृह के बाहर गेट नंबर तीन के पास हुआ। पुलिस ने बताया था कि वैष्णो देवी में कोरोनाकाल के बाद भारी भीड़ इकट्ठा हुई थी। इस दौरान रात में कुछ युवाओं के बीच मामूली कहासुनी के कारण वैष्णो देवी तीर्थ क्षेत्र में भगदड़ की स्थिति बनी।
वजह क्या?
मुंबई के एलफिंस्टन रेलवे स्टेशन के फुटओवर ब्रिज पर सुबह करीब 10:30 बजे भगदड़ मच गई। यह समय ऑफिस जाने वाले यात्रियों की भीड़ का था, और साथ ही भारी बारिश भी हो रही थी। बारिश के कारण लोग ब्रिज पर शरण ले रहे थे, जिससे प्लेटफॉर्म और ब्रिज पर भीड़ बढ़ गई। इसी दौरान किसी ने ब्रिज गिरने की अफवाह फैला दी, जिससे घबराहट में लोग एक-दूसरे को धक्का देने लगे। ब्रिज पर फिसलन होने से कई लोग गिर गए, और उनके ऊपर अन्य यात्री गिरते गए, जिससे भगदड़ और घातक हो गई। चूंकि ब्रिज संकरा था, जिससे बचने का कोई रास्ता नहीं था।
वजह क्या?
मौनी अमावस्या के मौके पर कुंभ मेले में लाखों श्रद्धालु संगम पर स्नान के लिए प्रयागराज पहुंचे थे। लौटने के वक्त कुंभ मेले से लौटने के लिए हजारों श्रद्धालु इलाहाबाद रेलवे स्टेशन पर एकत्रित हो गए।
स्टेशन पर यात्री क्षमता से कई गुना अधिक भीड़ थी। इस दौरान रेलवे और प्रशासन की व्यवस्थाएं नाकाफी साबित हुईं। अचानक जब प्लेटफॉर्म संख्या 6 पर एक ओवरब्रिज पर रेलिंग गिरने की अफवाह फैली तो भगदड़ मच गई। इसी भगदड़ में कुछ यात्री सीढ़ियों से गिर पड़े, और अन्य उनके ऊपर चढ़ते गए। पुल संकरा होने और अत्यधिक भीड़ के कारण कई लोगों की जान चली गई।
वजह क्या?
मकर संक्रांति (मकरविलक्कू उत्सव) पर सबरीमाला मंदिर में लाखों श्रद्धालु भगवान अयप्पा के दर्शन के लिए पहुंचे थे। उत्सव खत्म होने के बाद, हजारों श्रद्धालु मंदिर से लौट रहे थे। इस दौरान पुलुमेडु इलाके में एक पतले रास्ते पर लोग बड़ी संख्या में एकत्र हो गए। अचानक एक जीप और एक ऑटो-रिक्शा आपस में टकरा गए, जिससे भीड़ में घबराहट फैल गई। अंधेरा होने की वजह से लोगों को रास्ता नहीं दिखा, जिससे भगदड़ मच गई। संकरी सड़क पर हजारों लोगों के फंस जाने से कई श्रद्धालु कुचलकर या दम घुटने से मारे गए।
वजह क्या?
उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले में कृपालु महाराज के आश्रम से भंडारे का आयोजन किया गया था। इसमें करीब 20 हजार लोग इकट्ठा हुए थे। इस कार्यक्रम में जब मुफ्त कपड़े और भोजन मिलना शुरू हुआ तो एक-दूसरे से आगे निकलने की होड़ में भगदड़ मच गई। अचानक मुख्य प्रवेश द्वार का गेट गिरा इसके नीचे कई श्रद्धालु दब गए। कुछ लोग कुचले जाने की वजह से मारे गए।
वजह क्या?
राजस्थान के जोधपुर शहर में चामुंडा देवी मंदिर मेहरानगढ़ किले में स्थित है, जहां जाने के लिए एक संकरा मार्ग है। सुबह जब श्रद्धालु मंदिर में प्रवेश कर रहे थे, तभी छत गिरने और बम विस्फोट से जुड़ी अफवाहें फैलने लगीं। घबराए लोग बाहर निकलने का रास्ता तलाशने लगे। इसी दौरान संकरे रास्ते पर कई लोग गिर गए और कुचले गए।
वजह क्या?
श्रावण अष्टमी मेले पर हजारों श्रद्धालु नैना देवी मंदिर में दर्शन के लिए आए थे। मंदिर एक पहाड़ी पर स्थित है, जहां सीढ़ियों के जरिए जाना पड़ता है।
सुबह मंदिर परिसर के पास एक भूस्खलन की अफवाह फैल गई। घबराए हुए श्रद्धालु तेजी से नीचे भागने लगे। इस दौरान संकरी सीढ़ियों पर धक्का-मुक्की और भगदड़ मच गई। कुछ श्रद्धालु गिर गए और उनके ऊपर सैकड़ों लोग चढ़ते गए। दम घुटने और कुचले जाने से कई लोगों की मौत हो गई।
वजह क्या?
महाराष्ट्र के सतारा जिले में मंधारदेवी मंदिर में वार्षिक तीर्थयात्रा के दौरान कुछ श्रद्धालु फिसल गए। इस दौरान कुछ लोगों ने अफवाहें फैला दीं। इस दौरान मची भगदड़ में कई लोगों की कुचल जाने की वजह से मौत हो गई और सैकड़ों घायल हो गए। यह दुर्घटना उस समय घटित हुई जब कुछ श्रद्धालुओं द्वारा नारियल तोड़ने के कारण सीढ़ियों पर फिसलन हो गई और लोग गिर गए।