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Tamil Nadu: स्टालिन ने लोकसभा परिसीमन का किया विरोध, कहा- हम एक और भाषा युद्ध के लिए तैयार; जानिए पूरा मामला

Tue, 25 Feb 2025 05:14 PM IST
बशु जैन न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चेन्नई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चेन्नई Published by: बशु जैन Updated Tue, 25 Feb 2025 05:14 PM IST
सार

सीएम स्टालिन ने कहा कि परिसीमन के बाद तमिलनाडु पर आठ लोकसभा सीटें कम होने का खतरा मंडरा रहा है। ऐसा इसलिए क्योंकि तमिलनाडु ने परिवार नियोजन कार्यक्रम को लागू करके जनसंख्या नियंत्रण किया है। लोकसभा परिसीमन के मुद्दे पर चर्चा के लिए पांच मार्च को सर्वदलीय बैठक बुलाने का फैसला लिया गया है। 

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Stalin opposed Lok Sabha delimitation, said- we are ready for another language war; Know the whole matter
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन - फोटो : PTI

विस्तार

तमिलनाडु और केंद्र सरकार के बीच नई शिक्षा नीति की तीन भाषा नीति को लेकर विवाद चल रहा है। अब तमिलनाडु के सीएम एमके स्टालिन ने कहा कि राज्य एक और भाषा युद्ध के लिए तैयार है। राज्य में लोकसभा परिसीमन के मुद्दे पर चर्चा के लिए पांच मार्च को सर्वदलीय बैठक बुलाने का फैसला लिया गया है। 

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सचिवालय में कैबिनेट बैठक के बाद सीएम स्टालिन ने कहा कि परिसीमन के बाद तमिलनाडु पर आठ लोकसभा सीटें कम होने का खतरा मंडरा रहा है। ऐसा इसलिए क्योंकि तमिलनाडु ने परिवार नियोजन कार्यक्रम को लागू करके जनसंख्या नियंत्रण किया है। सीएम ने कहा कि भारत के निर्वाचन आयोग में पंजीकृत राजनीतिक दलों को सर्वदलीय बैठक के लिए आमंत्रित किया गया है। उन्होंने राजनीतिक मतभेदों को दूर करके  एकजुट होकर बैठक में शामिल होने की अपील की।
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सीएम ने कहा कि परिसीमन के नाम पर दक्षिणी राज्यों पर तलवार लटक रही है।  तमिलनाडु ने परिवार नियोजन कार्यक्रम के जरिये जनसंख्या नियंत्रण किया है। तमिलनाडु में जनसंख्या कम है इसलिए लोकसभा सीटों में कटौती हो सकती है। हम करीब आठ सीटें खोने जा रहे हैं और इसके बाद हमारे केवल 31 सांसद होंगे। मौजूदा समय में संसद में तमिलनाडु के 39 सांसद हैं। 
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उन्होंने कहा कि हमारा प्रतिनिधित्व संसद में कम हो जाएगा। तमिलनाडु की आवाज़ दबाई जा रही है। यह तमिलनाडु के अधिकारों का मामला है। सभी नेताओं और राजनीतिक दलों को इस मुद्दे पर पार्टी लाइन से हटकर एक साथ बोलना चाहिए। बैठक में तीन-भाषा नीति पर चर्चा को लेकर स्टालिन ने कहा कि एनईपी, केंद्रीय कोष और एनईईटी जैसे मुद्दों पर संसद में आवाज उठाने के लिए पर्याप्त संख्या में सांसदों की आवश्यकता है।हम इसके लिए तैयार हैं।


तीन भाषा नीति को लेकर चल रहा विवाद
राष्ट्रीय शिक्षा नीति के क्रियान्वयन को लेकर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और तमिलनाडु सीएम एमके स्टालिन के बीच बीते कई दिनों से जुबानी जंग जारी है। बीते दिनों राष्ट्रीय शिक्षा नीति को तमिलनाडु में लागू करने से स्टालिन के इनकार पर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने नाराजगी जाहिर की थी। वहीं स्टालिन, केंद्र सरकार पर जबरन राज्य में इसे लागू करने का आरोप लगा रहे हैं। उन्होंने राज्य पर हिंदी थोपने का आरोप लगाया। इस आरोप का केंद्र सरकार ने खंडन किया है।

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