एसएससी जीडी 2018: तत्काल नियुक्ति पत्र न मिला तो 12 नवंबर को राजघाट पर हल्ला बोलेंगे लाखों आवेदक
दो साल से लटकी सिपाही नियुक्ति प्रक्रिया के खिलाफ आवेदकों में जबरदस्त रोष गृह मंत्री अमित शाह को लिखा पत्र, नियुक्ति पत्र तत्काल दिलवाने का निवेदन 12 नवंबर को काली दिवाली मनाने की भी तैयारी...
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केंद्रीय अर्धसैनिक बलों में सिपाही भर्ती के लिए 'एसएससी जीडी 2018' के लाखों आवेदकों की ओर से कन्फेडरेशन ऑफ एक्स पैरामिलिट्री फोर्स वेलफेयर एसोसिएशन ने केंद्र सरकार को बातचीत का आखिरी मौका दिया है। अगर एसोसिएशन के प्रतिनिधियों को बातचीत के लिए नहीं बुलाया गया, तो 12 नवंबर को राष्ट्रीय राजधानी में हल्लाबोल के लिए तैयार रहें। एसोसिएशन के महासचिव रणबीर सिंह का कहना है कि केंद्रीय गृह मंत्रालय को इस मामले में हस्तक्षेप करना चाहिए।
उन्होंने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से आग्रह किया है कि वे सभी अर्धसैनिक बलों के प्रमुखों की बैठक कर उन्हें दिशा निर्देश दें कि तीन साल से चली आ रही भर्ती प्रक्रिया को अविलंब पूरा किया जाए। साथ ही उन 85 हजार से ज्यादा आवेदकों को तत्काल नियुक्ति पत्र दिया जाए जिनका मेडिकल भी हो चुका है और जिन्होंने भर्ती के सभी मापदंड पूरे कर लिए हैं।
पिछले सप्ताह भी एसोसिएशन ने 'एसएससी जीडी 2018' के आवेदकों के साथ मिलकर ट्विटर पर अभियान चलाया था। इसके साथ करीब साढ़े छह लाख आवेदक जुड़ गए थे। इसके बाद एसोसिएशन के प्रतिनिधियों ने केंद्र सरकार से कहा था कि उन्हें बातचीत के लिए बुलाया जाए। यदि बातचीत का न्यौता नौ नवंबर तक आ जाता है तो वार्ता होगी। इसके बाद 12 नवंबर को विभिन्न राज्यों के लाखों आवेदक राजघाट पर पहुंचेंगे। राष्ट्रपिता की समाधि पर माथा टेकने के बाद सभी आवेदक शालीनता एवं शांतिपूर्ण तरीके से विजय चौक की तरफ चलेंगे। जुलूस पूरी तरह मौन रहेगा। कोई नारेबाजी नहीं होगी।
आवेदकों के हाथों में बैनर और पोस्टर रहेंगे। रणबीर सिंह बताते हैं कि आवेदकों के साथ एक बड़ी दिक्कत यह है कि इनमें बहुत से ऐसे हैं, जिन्हें भर्ती के लिए केवल एक ही मौका मिला है। आप देखते हैं कि केंद्र की बहुत सी नौकरियां ऐसी होती हैं, जिनमें हर साल भर्ती होती है। केंद्रीय अर्धसैनिक बलों में ऐसा नहीं है। ये भर्ती 2018 की हैं और अब तक आवेदकों को नियुक्ति पत्र नहीं मिल सका है। खास बात है कि आवेदकों ने भर्ती की तमाम औपचारिकताओं को पूरा कर लिया है।
एसोसिएशन के महासचिव ने कहा कि केंद्र सरकार ने तो करीब साठ हजार पदों पर भर्ती के लिए विज्ञापन निकाला था। लाखों युवाओं ने आवेदन कर दिया। अब 85 हजार आवेदकों की मेडिकल प्रक्रिया पूरी हो गई है। आवेदकों का कहना है कि अब किसी दूसरी परीक्षा के लिए आयु निकल चुकी है। ऐसी स्थिति में केवल यही एक परीक्षा है जो हमें सिपाही भर्ती का मौका दे सकती है।
केंद्र सरकार के पास विभिन्न अर्धसैनिक बलों में एक लाख से अधिक पद खाली हैं। सरकार के पास यह अधिकार है कि वह रिक्तियों की संख्या बढ़ाकर सभी मेडिकल पास आवेदकों को नियुक्ति पत्र दे सकती है। आवेदकों ने कहा, यदि ऐसा नहीं होता है तो ये सीधे तौर पर उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ होगा। इसके बाद आवेदकों के पास केवल एक ही विकल्प बचेगा कि वे 12 नवंबर को राजघाट पहुंचकर काली दीवाली मनाएं।