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एसएससी जीडी 2018: आवेदकों की सिपाही बनने की जद्दोजहद, नियुक्ति पत्र के लिए राष्ट्रपति व गृहमंत्री से की ये अपील
Thu, 12 Nov 2020 07:05 PM IST
Harendra Chaudhary
जितेंद्र भारद्वाज, अमर उजाला, नई दिल्ली
जितेंद्र भारद्वाज, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Harendra Chaudhary
Updated Thu, 12 Nov 2020 07:05 PM IST
सार
आवेदकों का कहना था, चार-पांच साल में मुश्किल से भर्ती का एक चांस मिलता है। जिन्होंने एसएससी जीडी 2018 की परीक्षा पास की है, अब वे चाह कर भी दूसरा चांस नहीं ले सकते। वजह, अधिकांश आवेदकों की आयु निकल गई है...
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Protest by SSC GD 2018 Applicants
- फोटो : Amar Ujala
विस्तार
'एसएससी जीडी 2018' के हजारों आवेदक गुरुवार को महात्मा गांधी के समाधि स्थल राजघाट पर पहुंचे। देश के विभिन्न हिस्सों से खुद के संसाधन जुटाकर राष्ट्रीय राजधानी में आए इन आवेदकों ने राजघाट पर शांतिपूर्वक तरीके से रोष प्रकट किया। सिर पर टोपी पहने और हाथों में तिरंगा लिए इन आवेदकों का कहना था कि सिपाही के पदों के लिए भर्ती का विज्ञापन तीन साल पहले निकला था। वे एसएससी जीडी 2018 की परीक्षा पास कर चुके हैं। शारीरिक दक्षता परीक्षा में भी उत्तीर्ण हो गए हैं। उसके बाद मेडिकल भी हो गया है। इसके बावजूद नियुक्ति पत्र नहीं दिया जा रहा है।
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आवेदकों ने कॉन्फेडरेशन ऑफ एक्स पैरामिलिट्री फोर्स वेलफेयर एसोसिएशन के बैनर तले एकत्रित होकर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह, एसएससी अध्यक्ष और सीआरपीएफ डीजी के नाम ज्ञापन सौंपा है। इसमें कहा गया है कि केंद्रीय अर्धसैनिक बलों में 25 हजार नए पदों का सृजन कर एसएससी जीडी परीक्षा में मेडिकल पास सभी 85 हजार आवेदकों को नियुक्ति पत्र दे दिया जाए।
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एसोसिएशन के अध्यक्ष रणबीर सिंह व कोषाध्यक्ष वीएस कदम का कहना है कि अलग-अलग राज्यों से करीब चार हजार आवेदक राजघाट पर पहुंचे थे। इनकी मांग राष्ट्रपति और केंद्रीय गृहमंत्री तक पहुंचा दी गई है।
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आवेदकों का कहना था कि वे बहुत मुश्किल से दिल्ली पहुंचे हैं। अभी ट्रेन सेवा भी सामान्य नहीं हुई है। उन्हें रेल आरक्षण में भी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। हजारों किलोमीटर दूर से आने वाले कई आवेदक तो दो-तीन दिन पहले ही अपने घरों से निकल पड़े थे। कोई सड़क मार्ग से तो कोई रेल से दिल्ली तक पहुंचा है। संदीप, प्रीत, रविंद्र, परमार, ममता चौधरी व तपश कुमार के अनुसार, तीन साल में नियुक्ति प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी है। इसमें किसका दोष है।
चार-पांच साल में मुश्किल से भर्ती का एक चांस मिलता है। जिन्होंने एसएससी जीडी 2018 की परीक्षा पास की है, अब वे चाह कर भी दूसरा चांस नहीं ले सकते। वजह, अधिकांश आवेदकों की आयु निकल गई है। केंद्रीय अर्धसैनिक बलों में आयु की छूट भी नहीं दी जा सकती। अब ऐसे में एक ही उपाय है कि जितने भी आवेदकों ने मेडिकल परीक्षा पास कर ली है, उन सभी को नियुक्ति पत्र दे दिया जाए।
करीब 85 हजार आवेदक ऐसे हैं, जो मेडिकल में पास हो गए हैं। जब ये रिक्तियां निकलीं तो उस वक्त साठ हजार पदों पर भर्ती की बात कही गई थी। केंद्रीय अर्धसैनिक बलों में एक लाख से अधिक पद खाली हैं। अगर मेडिकल पास सभी आवेदकों को नियुक्ति पत्र मिल जाता है तो सरकार पर इसका कोई ज्यादा बोझ नहीं पड़ेगा।
वजह, रिक्त पदों की संख्या एक लाख से ज्यादा होना है। अगर सीटें नहीं बढ़ती हैं तो मेडिकल पास 25 हजार आवेदकों के सामने संकट खड़ा हो जाएगा। उनके पास दूसरा चांस भी नहीं है। रणबीर सिंह के मुताबिक वे सरकार के जवाब का इंतजार करेंगे। अगर तय समय में आवेदकों को राहत नहीं मिलती है तो आगे की रणनीति तय की जाएगी।