फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   ssb will adopt orphans kids train them for border security

देश में पहली बार सशस्त्र सीमा बल अनाथ बच्चों को देगी ट्रेनिंग, बनाएगी सेना का जवान

Tue, 21 Nov 2017 01:33 PM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला
टीम डिजिटल/ अमर उजाला Updated Tue, 21 Nov 2017 01:33 PM IST
विज्ञापन
ssb will adopt orphans kids train them for border security
एसएसबी - फोटो : File Photo
आमतौर पर हर पर जब भी देश पर कोई खतरा सामने आता है तो सबसे पहले हमारे देश की सेना ही मोर्चा संभालने के लिए सबसे आगे आती है। एक बार फिर सेना सामने आई है और देश के अनाथ बच्चों का हाथ थामने का फैसला लिया है। देश में पहली बार सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) ने घोषणा की है कि वो देश के 7 राज्यों के अनाथ बच्चों को ट्रेनिंग देकर सेना का जवान बनाएगी। 
विज्ञापन


इसकी पहले राष्ट्रीय बाल अधिकार सुरक्षा आयोग (एनसीपीसीआर) ने की है। एसएसबी देश के 9 हजार चाइल्ड केयर इंस्टीट्यूट के 15 से 18 साल के बच्चों को आर्मी की ट्रेनिंग देगी। 
विज्ञापन


एसएसबी सबसे पहले इन बच्चों को मानसिक और शारीरिक तौर पर तैयार करेगा। हालांकि असम में यह ट्रेनिंग शुरू भी हो चुकी है और बाकि देश में इसे अगले महीने से शुरू किया जाएगा। 
विज्ञापन
विज्ञापन


ये भी पढ़ेंः इंटेलिजेंस ब्यूरो में शामिल होंगे एसएसबी के 2000 जवान


एनसीपीसीआर फिलहाल बच्चों को उनकी उम्र, शारीरिक क्षमता और रुचि के आधार पर सूची तैयार कर रही है। इस सूची के आधार पर ही इन बच्चों को ट्रेनिंग दी जाएगी। इसके अलावा दिन बच्चों को आगे अपनी पढ़ाई जारी रखनी है उसको आर्थिक मदद भी दी जाएगी। 

आपको बता दें कि एसएसबी देश के सात राज्यों से सटी सीमाओं की सुरक्षा करता है। इनमें उत्तर प्रदेश, बिहार, उत्तराखंड, पश्चिम बंगाल, सिक्किम, असम और अरुणाचल प्रदेश शामिल हैं। 
 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed