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अगले महीने भारत आएंगे श्रीलंका के राष्ट्रपति, पीएम मोदी से करेंगे मुलाकात
Wed, 29 Jan 2020 12:50 PM IST
देव कश्यप
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: देव कश्यप
Updated Wed, 29 Jan 2020 12:50 PM IST
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PM modi and Mahinda Rajapaksa
- फोटो : ANI
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सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अन्य नेताओं के साथ बातचीत करने के लिए श्रीलंका के प्रधानमंत्री महिंदा राजपक्षे अगले महीने भारत का दौरा करेंगे।
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बता दें कि हिंद महासागर में चीन के बढ़ते आर्थिक दबदबे के मद्देनजर भारत ने एक बार फिर श्रीलंका के साथ अपने द्विपक्षीय सैन्य संबंधों को पुराने मजबूत स्तर पर ले जाने की कोशिश शुरू कर दी है। इसके लिए राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल ने जनवरी में श्रीलंका जाकर राष्ट्रपति गोटाबाया राजपक्षे से मुलाकात की थी और श्रीलंकाई सेना के लिए हथियार व अन्य अहम उपकरण खरीदने के लिए भारत की तरफ से पांच करोड़ डॉलर की मदद देने का वादा किया था।
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इस दौरान दोनों के बीच रक्षा सहयोग बढ़ाने, समुद्री परिवहन सुरक्षा मजबूत करने और खुफिया सूचनाओं के लेनदेन समेत कई अहम द्विपक्षीय मुद्दों पर चर्चा हुई थी। श्रीलंकाई राष्ट्रपति ने ट्वीट के जरिये इसकी जानकारी दी थी।
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इसलिए संबंध सुधार रहा भारत
भारत का क्षेत्रीय प्रतिद्वंद्वी चीन लंबे समय से इस क्षेत्र में अपने पैर जमाने की कोशिश कर रहा है। इसके लिए उसने मालदीव और श्रीलंका में बंदरगाहों और एक्सप्रेस-वे का निर्माण करने के साथ ही कई एयरपोर्ट को अपग्रेड किया है। श्रीलंका के हंबनटोटा बंदरगाह का संचालन भी चीन अपने नियंत्रण में ले चुका है। इन सब कारणों से भारत के लिए हिंद महासागर में अपने संबंधों की समीक्षा जरूरी हो गई है। यही कारण है कि श्रीलंका में चीन के प्रति नरम रुख वाले राजपक्षे परिवार के सत्ता में आने के बाद से ही भारत अपने इस पड़ोसी देश को खास तवज्जो दे रहा है।
श्रीलंका भी दे रहा है पूरी तवज्जो
श्रीलंका भी भारत के साथ संबंधों में दोबारा गर्माहट भरने के लिए पूरा सहयोग कर रहा है। नवंबर में राजपक्षे के सत्ता संभालने के महज तीन महीने के अंदर दोनों देशों के बीच कई उच्चस्तरीय मुलाकात हो चुकी है। उनके पद संभालते ही विदेश मंत्री एस. जयशंकर वहां के दौरे पर पहुंचे थे और अब दूसरे शीर्ष भारतीय राजनयिक के तौर पर डोभाल का दौरा हुआ है। इसी तरह श्रीलंकाई राष्ट्रपति ने भी अपने पहले विदेश दौरे के लिए भारत को ही तवज्जो दी थी।