{"_id":"5ffc6d478ebc3e30d030a044","slug":"sputnik-v-meets-the-primary-endpoint-of-safety-in-the-phase-2-clinical-trials-in-india","type":"story","status":"publish","title_hn":"भारत में दूसरे चरण के ट्रायल में सुरक्षा मानकों पर खरी उतरी स्पुतनिक वी वैक्सीन","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
भारत में दूसरे चरण के ट्रायल में सुरक्षा मानकों पर खरी उतरी स्पुतनिक वी वैक्सीन
Mon, 11 Jan 2021 09:20 PM IST
गौरव पाण्डेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: गौरव पाण्डेय
Updated Mon, 11 Jan 2021 09:20 PM IST
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : पेक्सेल्स
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रूस की कोरोना वायरस वैक्सीन स्पुतनिक वी (Sputnik-V) का भारत में हो रहा दूसरे चरण का क्लिनिकल ट्रायल सुरक्षा के मानकों पर खरा उतरा है। इस वैक्सीन का भारत में ट्रायल करा रही डॉ. रेड्डी लैबोरेटरीज ने सोमवार को यह जानकारी दी।
विज्ञापन
डॉ. रेड्डी लैबोरेटरीज ने बताया कि उसने दूसरे चरण के क्लिनिकल ट्रायल का सुरक्षा डाटा ड्रग्स कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (डीसीजीआई) के पास जमा करवा दिए हैं। अब उसे तीसरे चरण के ट्रायल शुरू करने के लिए अनुमति का इंतजार है।
विज्ञापन
Sputnik V meets the primary endpoint of safety in the phase-2 clinical trials in India. Dr. Reddy’s has submitted the phase-2 safety data for Drugs Controller General of India’s approval to continue phase-3 clinical trials: Dr Reddy's Laboratories Ltd
विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) January 11, 2021
बता दें कि भारत में पहले ही दो वैक्सीनों (कोवैक्सीन और कोविशील्ड) को आपात उपयोग की मंजूरी दी जा चुकी है। भारत में 16 जनवरी से टीकाकरण अभियान की शुरुआत होगी। पीएम मोदी ने इसे दुनिया का सबसे बड़ा टीकाकरण अभियान बताया है।
इसमें से कोविशील्ड (Covishield) को ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राजेनेका ने विकसित किया है और इस वैक्सीन का निर्माण भारतीय सीरम संस्थान ने किया है। वहीं, कोवैक्सीन (Covaccine) स्वदेशी वैक्सीन है जिसे देश की कंपनी भारत बायोटेक ने तैयार किया है।
इसके साथ ही केंद्र ससरकार ने सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया से ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राजेनेका के कोविड-19 टीके की 1.1 करोड़ खुराक खरीदने का सोमवार को आर्डर दिया। जानकारी के अनुसार प्रत्येक टीके पर जीएसटी समेत 210 रुपये की लागत आएगी।
16 जनवरी को अभियान की शुरुआत से पहले कई राज्यों ने कहा है कि पहले चरण के अभियान के लिहाज से सभी आवश्यक तैयारियां कर ली गई हैं। इनमें टीकाकरण स्थलों की पहचान करना और अग्रिम मोर्चे के कर्मियों का पंजीयन करना शामिल है।
इसके अलावा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि अभियान के पहले चरण में तीन करोड़ लोगों, स्वास्थ्यकर्मियों और अग्रिम पंक्ति के कर्मचारियों के टीकाकरण का खर्च केंद्र वहन करेगा। उन्होंने कहा कि इस चरण में जनप्रतिनिधियों को शामिल नहीं किया जाएगा।