रिटायर हुआ ड्राइवर तो कलेक्टर ने खास अंदाज में दिया 'फेयरवेल गिफ्ट'
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महाराष्ट्र के अकोला जिले में सालों तक प्रशासनिक अधिकारियों की गाड़ी चलाते रहे दिगंबर ठाक को शायद ही इस बात का अंदाजा रहा होगा कि जब वो रिटायरमेंट लेंगे तो उनके अधिकारी उन्हें इतना खूबसूरत तोहफा देंगे।
एनडीटीवी की खबर के अनुसार अकोला के जिलाधिकारी कार्यालय में बुधवार सुबह दुल्हन की तरह सजी एक लंबी सी कार पहुंची। रोजाना इस ऑफिस में दिखने वाली इस कार को आज खास अंदाज में देखकर हर कोई हैरत में पड़ गया। जो भी आता उस कार को देखकर विस्मय से उसकी आंखें घूमने लगतीं।
लेकिन कार से भी ज्यादा झटका लोगों को तब लगा जब उन्होंने पिछली सीट पर सफेद ड्रेस में एक बावर्दी आदमी को बैठे देखा जबकि ड्राइविंग सीट पर स्टेयरिंग की जिम्मेदारी एक सूट बूट वाले व्यक्ति की थी। जिसे लोग अकोला के जिलाधिकारी जी श्रीकांथ के रूप में पहचानते हैं। यह नजारा देख लोग हैरत में पड़ गए।
इससे पहले की कोई कुछ समझ पाता ड्राइवर सीट से उतरे जिलाधिकारी ने पिछला दरवाजा खोलते हुए वहां खड़े लोगों से अभिवादन के बाद पीछे बैठे दिगंबर ठाक का स्वागत करवाया। जल्द ही लोगों की समझ में सारा माजरा आ गया।
घर से ड्राइवर को लेकर खुद गाड़ी चलाते हुए ऑफिस पहुंचे कलेक्टर
असल में दिगंबर ठाक सालों से अकोला जिला प्रशासन में ड्राइवर के पद पर तैनात थे। वो ज्यादातर अकोला में तैनात जिलाधिकारियों की गाड़िया ही चलाते थे। कुछ दिन पहले ही नौकरी से उनका रिटायरमेंट हुआ।
ऐसे में उनके बॉस और अकोला के जिलाधिकारी जी श्रीकांथ ने उन्हें खास और यादगार अंदाज में विदाई देने का मन बनाया। इसलिए नौकरी के अंतिम दिन वह खुद अपनी गाड़ी से दिगंबर को लेने उनके घर पहुंचे और वहां से गाड़ी ड्राइव करते हुए ऑफिस तक आए।
58 साल के दिगंबर ठाक ने नौकरी के दौरान 18 जिला कलेक्टरों की गाड़ियां चलाईं, लेकिन शायद ही उन्हें यकीन होगा कि नौकरी के अंतिम दिन खुद कोई जिलाधिकारी उन्हें ऑफिस छोड़ने जाएगा।
वहीं जिलाधिकारी श्रीकांथ ने बताया 35 साल की नौकरी में उन्होंने राज्य की खूब सेवा की है। उन्होंने हमेशा सभी कलेक्टर्स को सुरक्षित गंतव्य तक पहुंचाने की अपनी जिम्मेदारी का पूरा निर्वाह किया। ऐसे में मैं चाहता था कि नौकरी के अंतिम दिन उन्हें कोई यादगार विदाई दी जाए।