Karnataka: CM सिद्धारमैया को विशेष अदालत ने दी राहत, लिंगायत मुख्यमंत्री से जुड़ी टिप्पणी को लेकर शिकायत खारिज
सिद्धारमैया के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 499 (मानहानि) और 500 (मानहानि के लिए सजा) के तहत शिकायत दायर की गई थी। इस शिकायत को पूर्व और मौजूदा सांसदों एवं विधायकों से जुड़े मामलों की सुनवाई करने वाली विशेष अदालत ने खारिज कर दिया।
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कर्नाटक में हाल में हुए विधानसभा चुनाव के दौरान लिंगायत मुख्यमंत्री से जुड़ी एक टिप्पणी को लेकर मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के खिलाफ दायर एक निजी मानहानि शिकायत को एक विशेष अदालत ने खारिज कर दिया है।
सिद्धारमैया के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 499 (मानहानि) और 500 (मानहानि के लिए सजा) के तहत शिकायत दायर की गई थी। इस शिकायत को पूर्व और मौजूदा सांसदों एवं विधायकों से जुड़े मामलों की सुनवाई करने वाली विशेष अदालत ने मंगलवार को खारिज कर दिया।
बता दें, शंकर शेत और मल्लैया हिरेमठ ने निजी शिकायत की थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि विधानसभा चुनाव के दौरान सिद्धरमैया ने एक पत्रकार की ओर से पूछे गए सवाल पर दिए जवाब के जरिये लिंगायत समुदाय को अपमानित किया था।
यहां पढ़ें पूरा मामला- Karnataka: सिद्धारमैया के बयान से गरमाई कर्नाटक की सियासत, बीजेपी ने बताया लिंगायतों का अपमान
पत्रकार ने कांग्रेस नेता से पूछा था कि क्या उनकी पार्टी सत्ता में आने पर किसी लिंगायत नेता को मुख्यमंत्री बनाएगी। जवाब में सिद्धारमैया ने कहा था कि तत्कालीन मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई एक लिंगायत नेता हैं, जिन्होंने भ्रष्टाचार में लिप्त होकर राज्य को काफी नुकसान पहुंचाया है। इसी बयान पर सियासत गर्मा गई थी।