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ISRO: 'लॉन्च पैड पर ले जाया गया स्पैडेक्स मिशन का प्रक्षेपण यान', जानें इसरो के इस मिशन का क्या है उद्देश्य?

Sat, 21 Dec 2024 09:03 PM IST
पवन पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला Published by: पवन पांडेय Updated Sat, 21 Dec 2024 09:03 PM IST
सार

 ISRO: 9 दिसंबर को पीएसएलवी-सी59/प्रोबास-3 मिशन के सफल प्रक्षेपण के बाद, इसरो के अध्यक्ष और अंतरिक्ष विभाग के सचिव, एस सोमनाथ ने कहा कि दिसंबर में ही पीएसएलवी-सी60 के प्रक्षेपण के साथ एक समान मिशन आने वाला है। सोमनाथ ने कहा, 'यह (पीएसएलवी-सी60 मिशन) स्पैडेक्स नामक अंतरिक्ष डॉकिंग प्रयोग का प्रदर्शन करने जा रहा है। 

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SpaDeX Mission: ISRO says launch vehicle moved to First Launch Pad, News in hindi
इसरो का स्पैडेक्स मिशन - फोटो : X / @isro

विस्तार

इसरो ने शनिवार को कहा कि भारत के स्पैडेक्स मिशन के प्रक्षेपण यान को पूरा कर दिया गया है और इसे श्रीहरिकोटा के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र के पहले प्रक्षेपण पैड पर ले जाया गया है। इस मिशन का उद्देश्य अंतरिक्ष में अंतरिक्ष यान को डॉक करने और अनडॉक करने के लिए आवश्यक तकनीक विकसित करना और उसका प्रदर्शन करना है।
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दो छोटे अंतरिक्ष यान का किया जाएगा इस्तेमाल
इसरो ने कहा कि स्पैडेक्स मिशन पीएसएलवी की तरफ से प्रक्षेपित दो छोटे अंतरिक्ष यान का उपयोग करके 'अंतरिक्ष में डॉकिंग' के प्रदर्शन के लिए एक लागत प्रभावी प्रौद्योगिकी प्रदर्शन मिशन है। इसरो ने कहा कि यह तकनीक भारत की अंतरिक्ष महत्वाकांक्षाओं जैसे कि चंद्रमा पर भारतीय मिशन, चंद्रमा से नमूना वापस लाना, भारतीय अंतरिक्ष स्टेशन (बीएएस) का निर्माण और संचालन के लिए आवश्यक है।
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अंतरिक्ष डॉकिंग प्रयोग का प्रदर्शन के लिए मिशन
अंतरिक्ष में डॉकिंग तकनीक तब आवश्यक होती है जब सामान्य मिशन उद्देश्यों को प्राप्त करने के लिए कई रॉकेट लॉन्च की आवश्यकता होती है। इस मिशन के माध्यम से, भारत अंतरिक्ष डॉकिंग तकनीक रखने वाला दुनिया का चौथा देश बनने की ओर अग्रसर है। 9 दिसंबर को पीएसएलवी-सी59/प्रोबास-3 मिशन के सफल प्रक्षेपण के बाद, इसरो के अध्यक्ष और अंतरिक्ष विभाग के सचिव, एस सोमनाथ ने कहा कि दिसंबर में ही पीएसएलवी-सी60 के प्रक्षेपण के साथ एक समान मिशन आने वाला है। सोमनाथ ने कहा, 'यह (पीएसएलवी-सी60 मिशन) स्पैडेक्स नामक अंतरिक्ष डॉकिंग प्रयोग का प्रदर्शन करने जा रहा है। रॉकेट अब तैयार है और हम प्रक्षेपण की ओर ले जाने वाली गतिविधियों के अंतिम चरण के लिए तैयार हो रहे हैं, संभवतः दिसंबर में ही।'


गोलाकार कक्षा में लॉन्च किया जाएगा मिशन
इसरो के अनुसार, स्पैडेक्स मिशन में दो छोटे अंतरिक्ष यान (प्रत्येक लगभग 220 किलोग्राम) शामिल हैं जिन्हें पीएसएलवी-सी60 की तरफ से स्वतंत्र रूप से और एक साथ, 55 डिग्री झुकाव पर 470 किमी की गोलाकार कक्षा में लॉन्च किया जाएगा, जिसमें लगभग 66 दिनों का स्थानीय समय चक्र होगा। स्पष्टीकरण में कहा गया कि स्पैडेक्स मिशन को दो छोटे अंतरिक्षयानों (एसडीएक्स01, जो कि चेजर है, और एसडीएक्स02, जो कि नाममात्र का टारगेट है) के पृथ्वी की निचली वृत्ताकार कक्षा में मिलन, डॉकिंग और अनडॉकिंग के लिए आवश्यक प्रौद्योगिकी को विकसित करने और प्रदर्शित करने के लिए शुरू किया गया था।
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