{"_id":"580bfdab4f1c1b9f1b706760","slug":"sp-minisiter-rammurti-varma-gives-controversial-statement","type":"story","status":"publish","title_hn":"‘मंत्री न होता तो एसपी को चैंबर से खींचकर मारता’","category":{"title":"India News","title_hn":"भारत","slug":"india-news"}}
‘मंत्री न होता तो एसपी को चैंबर से खींचकर मारता’
अमर उजाला ब्यूरो/ अंबेडकरनगर
Updated Sun, 23 Oct 2016 05:30 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दुग्ध विकास मंत्री राममूर्ति वर्मा के बिगड़े बोल एक बार फिर सामने आए हैं। जिले में तैनात रह चुके एक एसपी को लेकर उन्होंने दो दिन पहले मंच से जो आपत्तिजनक टिप्पणी की थी, उसका वीडियो अब सामने आया है। इसमें उन्होंने कहा है, ‘मुख्यमंत्री ने मुझसे एसपी को लेकर चर्चा की तो मैंने मुख्यमंत्री से कहा कि यदि मंत्री न होता तो उसे चैंबर से खींचकर जूते से मारता।’ दो दिन पहले अकबरपुर तहसील के खानजहांपुर में एक फैक्ट्री के लोकार्पण समारोह में वर्मा ने कहा था कि वे कार्यकर्ताओं के सम्मान के लिए सीमा लांघ सकते हैं।
गौरतलब है कि मंत्री ने जिस एसपी को लेकर यह तल्ख टिप्पणी की है, उन्होंने यहां अपने कार्यकाल में जनप्रतिनिधियों का दखल एकदम रोक दिया था। जमीन से जुड़े एक बड़े मामले में सपा के वरिष्ठ कार्यकर्ता पर एफआईआर कराने को लेकर वे चर्चा में आ गए थे। कई अन्य मामलों में भी एसपी ने सपा नेताओं की इच्छा के विपरीत निर्णय लिए थे। राममूर्ति वर्मा ने इससे पहले इब्राहिमपुर थाना में तैनात रहे दरोगा संजय यति को फोन पर न सिर्फ धमकी दी थी, वरन अपशब्दों का भी प्रयोग किया था। उसका ऑडियो वायरल हो गया था। दरोगा ने मामले की लिखित शिकायत भी की थी।
इस प्रकरण पर मंत्री राममूर्ति वर्मा ने सफाई देते हुए कहा है कि उन्होंने सिर्फ कार्यकर्ताओं के सम्मान की बात की थी। उनका किसी अधिकारी या कर्मचारी से कोई विवाद नहीं है। उन्होंने कोई प्रतिकूल टिप्पणी नहीं की है।
विज्ञापन
विज्ञापन
गौरतलब है कि मंत्री ने जिस एसपी को लेकर यह तल्ख टिप्पणी की है, उन्होंने यहां अपने कार्यकाल में जनप्रतिनिधियों का दखल एकदम रोक दिया था। जमीन से जुड़े एक बड़े मामले में सपा के वरिष्ठ कार्यकर्ता पर एफआईआर कराने को लेकर वे चर्चा में आ गए थे। कई अन्य मामलों में भी एसपी ने सपा नेताओं की इच्छा के विपरीत निर्णय लिए थे। राममूर्ति वर्मा ने इससे पहले इब्राहिमपुर थाना में तैनात रहे दरोगा संजय यति को फोन पर न सिर्फ धमकी दी थी, वरन अपशब्दों का भी प्रयोग किया था। उसका ऑडियो वायरल हो गया था। दरोगा ने मामले की लिखित शिकायत भी की थी।
विज्ञापन
इस प्रकरण पर मंत्री राममूर्ति वर्मा ने सफाई देते हुए कहा है कि उन्होंने सिर्फ कार्यकर्ताओं के सम्मान की बात की थी। उनका किसी अधिकारी या कर्मचारी से कोई विवाद नहीं है। उन्होंने कोई प्रतिकूल टिप्पणी नहीं की है।
विज्ञापन