Gopichand Thotakura: इतिहास रचेंगे गोपीचंद, बतौर पर्यटक अंतरिक्ष की यात्रा करने वाले पहले भारतीय बनेंगे
Gopichand Thotakura: गोपीचंद थोटाकुरा बतौर पर्यटक अंतरिक्ष की यात्रा करने वाले पहले भारतीय नागरिक बनकर इतिहास रचने के लिए तैयार हैं। वह न्यू शेफर्ड-25 (एनएस-25) मिशन के लिए चालक दल के हिस्से के रूप में अंतरिक्ष की यात्रा करेंगे।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
आंध्र प्रदेश में जन्मे गोपीचंद थोटाकुरा अंतरिक्ष की यात्रा कर इतिहास रचने वाले हैं। वे न्यू शेफर्ड-25 (एनएस-25) मिशन के लिए चालक दल के हिस्से के रूप में बतौर पर्यटक अंतरिक्ष की यात्रा करेंगे। वह 1984 में भारतीय सेना के विंग कमांडर राकेश शर्मा के बाद अंतरिक्ष में जाने वाले पहले भारतीय अंतरिक्ष पर्यटक और दूसरे भारतीय बन गए हैं। हालांकि अमेजन के संस्थापक जेफ बेजोस की अंतरिक्ष कंपनी ब्लू ओरिजिन के इस मिशन के लिए उड़ान की तारीख का उड़ान अभी नहीं किया गया है। उम्मीद है जल्द ही इसका एलान किया जाएगा।
गोपीचंद के साथ ये सदस्य भी जाएंगे अंतरिक्ष
ब्लू ओरिजिन के अनुसार, गोपी एक पायलट और एविएटर हैं। इतना ही नहीं वह प्रिजर्व लाइफ कॉर्प के सह-संस्थापक भी हैं। जो हर्ट्सफील्ड-जैक्सन अटलांटा अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे के पास स्थित एक वैश्विक केंद्र है। इसके अलावा, गोपी अंतरराष्ट्रीय मेडिकल जेट पायलट के रूप में काम कर चुके हैं। आंध्र प्रदेश में जन्मे थोटाकुरा एम्ब्री-रिडल एरोनॉटिकल यूनिवर्सिटी से स्नातक हैं। इस मिशन के लिए चालक दल के अन्य सदस्यों में मेसन एंजेल, सिल्वेन चिरोन, केनेथ एल. हेस, कैरोल स्कॉलर और पूर्व वायु सेना कप्तान एड ड्वाइट शामिल हैं। एयरोस्पेस कंपनी का यह मिशन न्यू शेपर्ड कार्यक्रम के लिए सातवीं और इसके इतिहास में 25वीं मानव उड़ान होगी।
गोपीचंद ने बताया अपना अनुभव
एक इंटरव्यू में थोटाकुरा ने इस अंतरिक्ष यात्रा के लिए अपने सपने और जुनून के बारे में बात की। इस दौरान उन्होंने बताया कि कैसे यह मिशन धरती माता की रक्षा करने की दिशा में काम कर रहा है और कैसे आगे अंतरिक्ष पर्यटन के लिए रास्ते खोल सकता है। यह थोटाकुरा के लिए बहुत गर्व और उत्साह का क्षण है। अपनी भावनाओं को जाहिर करते हुए वह कहते हैं, मेरी डिक्शनरी (शब्दकोश) में अभी अपनी भावनाओं को जताने के लिए कोई शब्द नहीं हैं।
उन्होंने ब्लू ओरिजिन की टैगलाइन 'फॉर द बेनिफिट ऑफ अर्थ' (धरती के लाभ के लिए) पर जोर दिया और कहा कि उन्हें यह भी लगता है कि धरती मता की रक्षा करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि वह धरती मां की रक्षा करने के लिए ग्रह के बाहर जीवन और रोमांच की तलाश कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि ब्लू ओरिजिन ने अंतरिक्ष पर्यटन को बढ़ाने और उस क्षेत्र में आने के लिए एक निजी अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन खोलने के लिए नासा के साथ करार किया है। उन्होंने कहा, मेरा मानना है कि अंतरिक्ष पर्यटन वह जगह जहां भविष्य है। गोपीचंद इस बात पर भी जोर देते हैं कि कोई भी व्यक्ति अपने सपनों को पूरा कर सकता है। वह भावी पीढ़ियों को सुझाव देते हुए कहते हैं कि अगर कोई अपने सपनों पर टिका रहता है और अपना रास्ता बनाता है तो वह अपने सपनों को पूरा कर सकता है।