फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Sonia Gandhi, Sharad Pawar, Mallikarjun Kharge wants Uddhav take charge of Maharashtra CM

महाराष्ट्र का मुख्यमंत्री बनकर राजनीति के गड्ढे में टांग नहीं फंसाना चाहते उद्धव ठाकरे

Fri, 22 Nov 2019 06:11 PM IST
देव कश्यप शशिधर पाठक, नई दिल्ली
शशिधर पाठक, नई दिल्ली Published by: देव कश्यप Updated Fri, 22 Nov 2019 06:11 PM IST
सार

  • सोनिया गांधी और शरद पवार की इच्छा है कि उद्धव संभाले महाराष्ट्र की कमान
  • बाला साहब ठाकरे ने मातोश्री से ही किया था सबकुछ कंट्रोल
  • उद्धव चाहते हैं पुत्र आदित्य को स्थापित करना
  • पिता के ही नक्शे पर चाहते हैं महाराष्ट्र की राजनीति में कसी रहे लगाम

विज्ञापन
Sonia Gandhi, Sharad Pawar, Mallikarjun Kharge wants Uddhav take charge of Maharashtra CM
उद्धव ठाकरे (फाइल फोटो) - फोटो : Twitter

विस्तार

कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, एनसीपी प्रमुख शरद पवार, कांग्रेस के प्रमुख रणनीतिकार अहमद पटेल, केसी वेणुगोपाल, मल्लिकार्जुन खड़गे समेत सभी की इच्छा है कि शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री का दायित्व निभाएं। शिवसेना के राज्यसभा सदस्य संजय राऊत भी आग्रह कर चुके हैं कि उद्धव ठाकरे शिवसेना-एनसीपी और कांग्रेस के नेतृत्व वाली सरकार का मुख्यमंत्री बनें। बताते हैं शिवसैनिकों में भी उद्धव के मुख्यमंत्री बनने से उत्साह आएगा, लेकिन उद्धव ठाकरे राजनीति के इस गड्ढे में मुख्यमंत्री बनकर अपनी टांग फंसाने से बचना चाहते हैं। हालांकि सूत्रों का कहना है कि शुक्रवार देर रात उद्धव के मुख्यमंत्री बनने या न बनने पर भी स्थिति साफ हो जाएगी।

विज्ञापन

क्यों कतरा रहे हैं उद्धव ठाकरे?

-शिवसेना को करीब से जानने और महाराष्ट्र की राजनीति को समझने वाले बताते हैं कि उद्धव ठाकरे राजनीति का सुरक्षित खेल खेलकर सत्ता शिवसैनिकों के हाथ में चाहते हैं। उद्धव ठाकरे ने कभी चुनाव नहीं लड़ा है। ठाकरे परिवार के सदस्य के रूप में पहली बार उनके पुत्र आदित्य ठाकरे ने विधानसभा का चुनाव लड़ा और जीते हैं। उद्धेव ठाकरे की मंशा अब आदित्य ठाकरे के राजनीतिक भविष्य पर काम करने की है। इसलिए वह आदित्य ठाकरे की राजनीतिक महत्वाकांक्षा और शिवसैनिकों तथा मराठा राजनीति पर पकड़ को एक आधार देने के इच्छुक हैं। यह बात अलग है कि कम उम्र के युवा, अनुभवहीन आदित्य को शीर्ष पद पर बिठाने में कांग्रेस और एनसीपी दोनों को संकोच हो रहा है।

विज्ञापन


-शिवसेना के संस्थापक बाला साहब ठाकरे मातोश्री में रहकार ही अपना आभा मंडल बनाया। शिवसेना को महाराष्ट्र में पावर सेंटर बनाने के बाद वह बाहर भी कम निकले। बाला साहब ठाकरे शिवसैनिकों के सहारे महाराष्ट्र की राजनीति में दमदार दखल देते रहे, उन्हें मुख्यमंत्री और पार्टी को सत्ता का भागीदार बनाते रहे। बाला साहब का मातोश्री से राजनीति, पार्टी, प्रभाव सब पर अच्छा खासा नियंत्रण रहा। उद्धव ठाकरे भी पिता बाला साहब ठाकरे के पद चिन्हों पर चलकर मातोश्री का और अपना प्रभाव बनाए रखना चाहते हैं। वह शिवसेना प्रमुख के रूप में किंग मेकर, सरकार पर परोक्ष रूप से नियंत्रण और पार्टी के मार्गदर्शक बने रहना चाहते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


-उद्धव ठाकरे कांग्रेस और एनसीपी से गठबंधन, सरकार के गठन के बाद आने वाली दुश्वारियों का भी आंकलन कर रहे हैं। उन्हें लग रहा है कि मुख्यमंत्री बनने के बाद वह अपने हाथ सत्ता के हवन कुंड में जला बैठेंगे।  इसका असर महाराष्ट्र की राजनीति और शिवसेना के भविष्य पर भी पड़ सकता है।

चाहते हैं सोनिया गांधी और शरद पवार की तरह कंट्रोल

एकनाथ शिंदे, सुभाष देसाई, अरविंद सावंत से लेकर उद्धव ठाकरे के पास शिवसेना में तमाम अनुभवी वफादार नेता हैं। उद्धव ठाकरे इनके माध्यम से शिवसेना का हित साधना चाहते हैं। उनकी मंशा एनसीपी प्रमुख शरद पवार और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी की तरह सत्ता और पार्टी पर पूरी तरह पकड़ बनाए रखने की है। वह शिवसेना-एनसीपी-कांग्रेस के गठबंधन की समन्वय समिति में भी दमदारी से रहना चाहते हैं। किसी तरह की राजनीतिक पेंचदगी आने पर वह अपने प्रभाव को बनाए रखने वाली स्थिति चाहते हैं। उद्धव को पता है कि यह मंजिल वह बिना मुख्यमंत्री बने ही पा सकते हैं। मुख्यमंत्री बनने के बाद वह खुद पर होने वाले हमले और दबाव का आसानी से बचाव नहीं कर पाएंगे।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed