{"_id":"5aa7f4734f1c1ba7758b5453","slug":"sonia-gandhi-hosted-dinner-for-opposition-parties-to-beat-bjp-in-2019-lo-sabha-elections","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"सोनिया गांधी की डिनर डिप्लोमेसी के लजीज पकवान और भविष्य का प्लान, 20 दलों के नेता हुए शामिल","category":{"title":"India News","title_hn":"भारत","slug":"india-news"}}
सोनिया गांधी की डिनर डिप्लोमेसी के लजीज पकवान और भविष्य का प्लान, 20 दलों के नेता हुए शामिल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Tue, 13 Mar 2018 11:10 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी की डिनर पार्टी में भविष्य की योजना को लेकर बीस राजनीतिक पार्टियों के नेता मंगलवार को उनके आवास 10 जनपथ पर जुटे। इस मौके पर विपक्षी दलों ने अगले आम सभा चुनाव में भाजपा को पटखनी देने के लिए संयुक्त मोर्चा के गठन से लेकर पीएनबी घोटाला से लेकर किसान आंदोलन जैसे मुद्दों पर चर्चा की।
विज्ञापन
भोज में शामिल नेताओं ने संसद न चलने पर चिंता जताई और सरकार की जवाबदेही तय कर उसे घेरने पर चर्चा की। पीएनबी बैंकिंग घोटाले पर सरकार से संसद में जवाब मांगने की रणनीति और महाराष्ट्र के किसानों के आंदोलन पर भी चर्चा हुई।
विज्ञापन
विपक्षी नेताओं पर झूठे मुकदमे और सरकारी एजेंसियों के सीधे हस्तक्षेप का मामला उठाया गया। हाल के दिनों में एनडीए के कुछ दलों ने भाजपा के प्रति नाराजगी जाहिर करते हुए सरकार से अलग होने का फैसला किया है।
विज्ञापन
ऐसे में विपक्षी दल सोनिया की डिनर डिप्लोमेसी को राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण मान रहे हैं। हालांकि इस आयोजन में भाजपा और कांग्रेस से इतर तीसरे मोर्चे की सुगबुगाहट भी थी और ममता बनर्जी, अखिलेश यादव तथा मायावती की अनुपस्थिति का मलाल भी था।
कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि पार्टी का मानना है कि भाजपा जहां-जहां देश में दीवारें खड़ी करेगी, वहां कांग्रेस रास्ता बनाने का काम करेगी। इस आयोजन का लक्ष्य राजनीतिक नहीं, पारिवारिक सौहार्दपूर्ण माहौल में बातचीत जारी रखना है।
इन नेताओं ने की शिरकत
एनसीपी नेता शरद पवार, सपा से रामगोपाल यादव, भारतीय ट्राइबल पार्टी के शरद यादव, टीएमसी के सुदीप बंदोपाध्याय, आरजेडी से तेजस्वी यादव और मीसा भारती, हिंदुस्तान आवाम मोर्चा के जीतनराम मांझी, जद सेकुलर के डॉ. कुपेंद्र रेड्डी, नेशनल कांफ्रेस के उमर अब्दुल्ला, झामुमो के हेमंत सोरेन, बसपा के सतीश चंद्र मिश्रा, रालोद के अजित सिंह, भाकपा के डी.राजा, माकपा के मो. सलीम, डीएमके कनीमोझी, जेवीएम के बाबू लाल मरांडी, आरएसपी के रामचंद्रन, आईयूएमएल के कुट्टी, एआईयूडीएफ के बदरूद्दीन अजमल और केरल कांग्रेस के प्रतिनिधि। कांग्रेस की ओर से सोनिया गांधी के अलावा पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी, पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, गुलाम नबी आजाद, मल्लिकार्जुन खड़गे, अहमद पटेल, एके एंटनी और रणदीप सिंह सुरजेवाला मौजूद थे।