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कांग्रेस की 'सुल्तान' ने पकड़ा मर्ज: 'कागज' की नाव में भाजपा को टक्कर देने चले पार्टी नेताओं को सोनिया की नसीहत

Jitendra Bhardwaj जितेंद्र भारद्वाज
Updated Tue, 26 Oct 2021 07:22 PM IST
सार

पार्टी अध्यक्ष को बहुत करीब से यह अहसास हो चुका है कि सामने वाजिब मुद्दा होते हुए भी जनता उनसे कनेक्ट नहीं कर पा रही है तो इसका मतलब संचार में कमी है। आखिर पार्टी, लोगों को वह बात 'भरोसे' से क्यों नहीं समझा पा रही है। इसकी वजह यह बताई गई कि भाजपा के पास ऐसे लोगों की टीम है, जो सोशल मीडिया में ही नहीं, बल्कि जमीन पर लोगों के बीच पहुंचती है...

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Sonia Gandhi held a meeting with party general secretaries, in-charge and state Congress presidents and analysed why people are not trusting to the party
सोनिया गांधी - फोटो : PTI (File Photo)

विस्तार

कांग्रेस पार्टी के 'युवा' और 'वरिष्ठ' नेताओं को जिस 'मर्ज' का पता नहीं लगा, उसे पार्टी की 'सुल्तान' यानी अध्यक्ष सोनिया गांधी ने पकड़ लिया है। मर्ज यह था कि कांग्रेस पार्टी के वाजिब मुद्दों पर जनता का ध्यान क्यों नहीं जा रहा है। कांग्रेस ने कई अवसरों पर समसामयिक मुद्दों को जोरदार तरीके से उठाया, लेकिन जनता की वैसी प्रतिक्रिया नहीं मिली। कांग्रेस पार्टी के नेता जो राष्ट्रीय स्तर या राज्य मुख्यालय पर नियमित प्रेस वार्ता करते हैं, वे उसका फीडबैक नहीं लेते कि जनता में उनकी बात कहां तक पहुंची है, जनता की उस पर क्या सोच है। वे तो ट्विटर और फेसबुक जैसे माध्यमों पर हिट गिनकर खुश हो जाते हैं। वे यह समझ लेते हैं कि जनता तक बात ठीक पहुंच रही है।

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सोनिया गांधी ने पकड़ी नब्ज

लेकिन इंटरनल सर्वे की रिपोर्ट कुछ और कहती है। कांग्रेस पदाधिकारियों का यह मुगालता पार्टी को 2022 ही नहीं, अपितु 2024 के चुनाव में भी जोखिम की तरफ ले जाता। लेकिन भाजपा व आरएसएस पर सोशल मीडिया के जरिए जमकर हमला बोलने वाले कांग्रेसियों की नब्ज सोनिया गांधी ने ठीक वक्त पर पकड़ ली है। ऐसे कांग्रेसी धुरंधरों को सोनिया ने नसीहत दे दी है। प्रचार कैसे करें, लोगों तक बात कैसे पहुंचानी है और भाजपा और आरएसएस के झूठ का मुकाबला कैसे करना है, इस बाबत सोनिया गांधी ने राहुल की मौजूदगी में पार्टी नेताओं को अच्छे तरीके से समझा दिया है।

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मंगलवार को सोनिया गांधी ने पार्टी महासचिवों, प्रभारियों और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्षों के साथ बैठक की है। किसानों का मुद्दा, सीमा पर चीन का हस्तक्षेप, गुजरात के मुंद्रा पोर्ट पर पकड़ी गई तीन हजार किलोग्राम हेरोइन, बैंकिंग सिस्टम, महंगाई, पेट्रोल डीजल, चीन द्वारा जारी वीडियो, जिसमें भारतीय सैनिकों के साथ गलत व्यवहार हो रहा है और दिल्ली दंगों में फेसबुक की कथित संदिग्ध भूमिका, आदि मुद्दों को लेकर कांग्रेस ने केंद्र सरकार को घेरा था। दर्जनों सवाल पूछे गए, मगर उनका असर जनता में वैसा नहीं हुआ, जितना होना चाहिए था। अगले साल सात राज्यों में विधानसभा चुनाव हैं। हरियाणा कांग्रेस से जुड़े एक वरिष्ठ पदाधिकारी का कहना है, पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी हर राज्य में इंटरनल सर्वे कराती रहती हैं। उन्हें मालूम है कि जनता में झूठ फैलाने वाले कौन से तंत्र मौजूद हैं।

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खत्म हो गया है कार्यकर्ताओं का उत्साह

बैठक में इस बात पर खास चर्चा हुई कि भाजपा और आरएसएस के द्वेषपूर्ण अभियान का मुकाबला कांग्रेस पार्टी नहीं कर पा रही है। पार्टी के पास वैचारिक सोच तो है, मगर नेताओं के पास जज्बा नहीं है। पार्टी पदाधिकारी ने यह बात स्वीकार की है कि अधिकांश राज्यों में कांग्रेस, गुटबाजी का शिकार है। नेताओं के बीच इतनी ज्यादा खींचतान है कि उन्हें जमीन पर पार्टी की सही स्थिति ही नजर नहीं आ रही है। पार्टी की जिम्मेदारी एक-दूसरे पर टाली जा रही है। यही वजह है कि पार्टी में सबसे निचले स्तर पर काम करने वाले कार्यकर्ता का उत्साह भी खत्म हो चला है। वह भी अपने नेताओं की बात सोशल मीडिया के जरिए सुनता है और चुप बैठ जाता है। पार्टी द्वारा किए जाने वाले धरना-प्रदर्शन में लोगों की कम उपस्थिति का कारण भी यही है।

'भाजपा और आरएसएस के झूठ से लड़ना है'

पार्टी अध्यक्ष को बहुत करीब से यह अहसास हो चुका है कि सामने वाजिब मुद्दा होते हुए भी जनता उनसे कनेक्ट नहीं कर पा रही है तो इसका मतलब संचार में कमी है। आखिर पार्टी, लोगों को वह बात 'भरोसे' से क्यों नहीं समझा पा रही है। बैठक में ये पॉइंट भी उठा था कि लोगों को भाजपा व आरएसएस का झूठ भी सच दिखने लगता है, ऐसा क्यों। इसकी वजह यह बताई गई कि भाजपा के पास ऐसे लोगों की टीम है, जो सोशल मीडिया में ही नहीं, बल्कि जमीन पर लोगों के बीच पहुंचती है। सार्वजनिक स्थलों पर खुली चर्चा कर उस मुद्दे का टेस्ट किया जाता है। जनता के बीच वह बात इस तरीके से परोसी जाती है कि लोग उस पर भरोसा कर लेते हैं। उसके बाद कांग्रेस, चाहे कितना भी समझाए, लोग वापस नहीं लौटते। सोनिया गांधी ने कहा, हमें भाजपा और आरएसएस के झूठ से लड़ना है। अगर हम यह जंग जीतना चाहते हैं, तो हमें दृढ़ विश्वास के साथ लोगों के सामने उनके झूठ का पर्दाफाश करना होगा। देश के सामने खड़े मुद्दों पर एआईसीसी लगभग हर रोज महत्वपूर्ण और विस्तृत बयान जारी करता है। मेरा यह अनुभव है कि ये ब्लॉक और जिला स्तर के जमीनी कार्यकर्ता तक नहीं पहुंच पाता।

एक नवंबर से पूरे देश में कांग्रेस का सदस्यता अभियान

कांग्रेस की अध्यक्ष सोनिया गांधी ने पार्टी नेताओं को नए सिरे से काम करने की सलाह दी है। अगर वे ऐसा करते हैं तो ही भाजपा के झूठ का मुकाबला कर सकेंगे। कांग्रेस का सदस्यता अभियान पूरे देश में एक नवंबर, 2021 से 31 मार्च, 2022 तक चलेगा। इस मौके पर ज्यादा से ज्यादा नए लोगों को पार्टी से जोड़ा जाए। उन्हें पार्टी की विचारधारा समझाएं। देश का युवा कई तरह की परेशानियों में फंसा है। वह अपनी आकांक्षाओं को नई आवाज देने के लिए एक मंच या आंदोलन की राह तलाश रहा है। कांग्रेस पार्टी का संघर्ष, भाजपा व आरएसएस के झूठे प्रचार की पहचान कर उससे मुकाबला करने से ही शुरू होता है। इसके लिए पार्टी को हाशिए पर खड़े व्यक्ति के अधिकारों की लड़ाई लड़नी है। सोनिया ने कहा, मोदी सरकार ने हमारी संस्थाओं को कमजोर करने की लगातार कोशिश की है। संविधान के मूल मूल्यों को कमजोर करने का प्रयास किया है। इसका मुकाबला करने के लिए पार्टी के संगठन में ऐसे वर्गों के लोगों को और ज्यादा जिम्मेदारी प्रदान करनी होगी।

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