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दिग्गजों का जमावड़ा: सोनिया, अखिलेश और स्टालिन सहित एक मंच पर दिखे कई विपक्षी नेता, जानिए पूरा मामला
Sat, 02 Apr 2022 11:09 PM IST
Amit Mandal
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Amit Mandal
Updated Sat, 02 Apr 2022 11:09 PM IST
सार
द्रमुक कार्यकर्ताओं को लिखे एक खुले पत्र में स्टालिन ने अन्ना-कलैगनार अरिवालयम नाम के नए कार्यालय को द्रविड़ किला बताया और लगभग सभी दलों के नेताओं को आमंत्रित किया था।
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डीएमके प्रमुख और तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन।(file photo)
- फोटो : social media
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विस्तार
कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, सपा प्रमुख अखिलेश यादव, माकपा महासचिव सीताराम येचुरी और नेशनल कांफ्रेंस के फारूक अब्दुल्ला समेत विपक्षी दलों के नेता शनिवार को दिल्ली में द्रमुक कार्यालय के उद्घाटन के मौके पर एक मंच पर नजर आए। पार्टी प्रमुख और तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने कार्यालय का उदघाटन किया। तृणमूल कांग्रेस, तेदेपा, भाकपा, बीजद और शिअद के नेता भी यहां मौजूद थे। सोनिया गांधी ने कार्यालय के एक हिस्से के लिए रिबन काटा। तमिलनाडु में कांग्रेस और द्रमुक गठबंधन में हैं।
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टीएमसी का प्रतिनिधित्व महुआ मोइत्रा और टीडीपी का प्रतिनिधित्व राममोहन नायडू के रवींद्र कुमार ने किया। सीपीआई से डी राजा, बीजद से अमर पटनायक और शिअद से हरसिमरत बादल भी इस कार्यक्रम में शामिल हुईं। तमिलनाडु सरकार के कई मंत्री, दोनों सदनों में द्रमुक के सांसद और स्टालिन के बेटे उदयनिधि स्टालिन भी मौजूद थे। स्टालिन ने इसे दिल्ली से दक्षिण भारत का इतिहास लिखने वाली घटना बताते हुए कहा कि यह उनकी पार्टी, उसकी नीतियों और इसे लागू करने के लिए राष्ट्रीय राजनीति में महत्वपूर्ण स्थान वाले द्रविड़ मॉडल का सम्मोहक प्रतीक है।
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द्रमुक कार्यकर्ताओं को लिखे एक खुले पत्र में स्टालिन ने अन्ना-कलैगनार अरिवालयम नाम के नए कार्यालय को द्रविड़ किला बताया और लगभग सभी दलों के नेताओं को आमंत्रित किया था। इसमें भाजपा और अन्य गैर-यूपीए दलों के शीर्ष नेता भी शामिल थे।
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