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दो साल की उम्र में लावारिस छोड़ने वाली मां से बेटे ने मांगा डेढ़ करोड़ का मुआवजा

Mon, 13 Jan 2020 02:29 AM IST
आसिम खान न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई Published by: आसिम खान Updated Mon, 13 Jan 2020 02:29 AM IST
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Son demands compensation of 1.5 crore in High Court from mother who left 38 years ago
सांकेतिक तस्वीर

फिल्मों में मेकअप आर्टिस्ट के तौर पर काम करने वाले एक व्यक्ति ने अपनी मां और उनके पति से डेढ़ करोड़ रुपये का मुआवजा मांगा है। बॉम्बे हाईकोर्ट में दाखिल याचिका में व्यक्ति ने आरोप लगाया है कि उसकी मां ने 38 साल पहले मुंबई में उसे महज 2 वर्ष की उम्र में अकेला लावारिस छोड़ दिया था। अब भी वे उसे अपने बेटे के रूप में स्वीकार नहीं कर रही हैं।

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कहानी ऐसी है
40 वर्षीय याचिकाकर्ता श्रीकांत सबनिस के अनुसार, उनकी मां आरती म्हास्कर की शादी दीपक सबनिस से हुई थी। वे फरवरी 1979 में पुणे में पैदा हुए। श्रीकांत का कहना है कि आरती महत्वाकांक्षी थीं और मुंबई जाकर फिल्मों में काम करना चाहती थीं। सितंबर 1981 में श्रीकांत को लेकर आरती मुंबई आ गईं और बाद में उसे मुंबई में ही ट्रेन में छोड़कर चली गईं। श्रीकांत एक रेल अधिकारी को लावारिस हालात में मिले, जिन्होंने उसे बालगृह में भेज दिया। 1986 में श्रीकांत की नानी ने उनकी कानूनी कस्टडी हासिल की। वे शुरू में उनके साथ रहे, लेकिन बाद में उनकी मौसी ने उन्हें पाला।
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अब यह हुआ
याची के अनुसार, साल 2017 में उसे अपनी खून के रिश्ते की मां का पता चला। उन्होंने उनका फोन नंबर जुटा सितंबर 2018 में संपर्क किया। फोन पर उनकी मां ने उसे ट्रेन में लावारिस छोड़ने की बात स्वीकार की। मां ने इसके पीछे हालात की मजबूरी बताई। श्रीकांत इससे संतुष्ट नहीं हुए और मां से मिलने पहुंचे। यहां उन्हें मां द्वारा दूसरी शादी कर लेने की बात मालूम हुई। 
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उन्होंने श्रीकांत को सारी बातें अपने दूसरे पति से जन्मे बच्चों से छिपाने के लिए कहा। श्रीकांत ने याचिका में कहा कि उन्हें इन हालात से मानसिक आघात पहुंचा है। उनकी मां ने उन्हें जानबूझकर अनजान शहर में अकेला छोड़ दिया था। वे काफी मुश्किलों से गुजरे हैं और अब मां द्वारा पहचान छिपाने के लिए कहने से परेशान हैं।


यह है चाहत
श्रीकांत ने हाईकोर्ट से कहा कि वे चाहते हैं, उनकी मां उन्हें बेटे के रूप में स्वीकार करे और यह भी माने कि उन्होंने दो साल की उम्र में श्रीकांत को लावारिस छोड़ दिया था। उन्होंने अपने दूसरे पति के साथ उन्हें जो मानसिक संताप दिया है, उसकी भरपाई का डेढ़ करोड़ रुपये मुआवजा दिया जाए। याचिका पर सुनवाई 13 जनवरी को जस्टिस एके मेनन द्वारा की जा सकती है। 

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