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'बंगाल की खाड़ी में दिखे सुराग एएन-32 के हो सकते हैं'

Wed, 27 Jul 2016 06:06 PM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, दिल्ली
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, दिल्ली Updated Wed, 27 Jul 2016 06:06 PM IST
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Some objects found may be of AN-32, we need to verify, Says Manohar Parrikar
- फोटो : file photo

सेना के एएन-32 एयरक्राफ्ट का अब तक कुछ पता नहीं चला है, सर्च अभियान जारी हैं, लेकिन रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर की बात ने कुछ आस जगाई है। तमिलनाडु में पूर्व और दिवंगत राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम की प्रतिमा के अनावरण के मौके पर रक्षा मंत्री पत्रकारों से मुखातिब हुए और उन्होंने कहा कि बंगाल की खाड़ी में कुछ ऐसे संकेत मिले जिनसे गायब हुए विमान का सुराग लग सकता है। उन्होंने कहा कि जांच अभियान में जुटी टीमों को इस बात से अवगत करा दिया गया है और वे बंगाल की खाड़ी में उन चीजों का परीक्षण कर रही हैं। 

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बता दें कि भारतीय नौ सेना और कोस्ट गार्ड के 17 पानी वाले जहाज और 23 एयरक्राफ्ट खोजी अभियान का हिस्सा हैं। रक्षा मंत्री ने यह भी बताया कि मॉरीशस से नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ ओसियन टेक्नोलॉजी का खास 'सागर निधी' जहाज भी खोज कार्य में लगाने के लिए बुलाया गया है।
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गायब हुए विमान में सेना के 29 लोग सवार थे। तंबाराम एयरबेस से विमान पोर्टब्लेयर के लिए उड़ा था और 16 मिनट की उड़ान के बाद ही विमान का रडार कनेक्शन टूट गया था। तब से अब तक विमान लापता है। खोजी दल लगातार विमान को खोजने में लगे हुए हैं।

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दुनिया की ऐसी कोई तकनीक नहीं, जिसका इस्तेमाल न किया जा रहा हो

Some objects found may be of AN-32, we need to verify, Says Manohar Parrikar

वायुसेना के परिवहन विमान एएन-32 को समुन्दर निगल गया या आसमान खा गया? यह सवाल लगातार सभी के जेहन में कौंध रहा है। इससे पहले रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर ने कहा था अब तक मिले सुरागों से सकारात्मक संकेत नहीं मिले हैं। विमान में सवार 29 लोगों के जिंदा बचने की उम्मीद धूमिल पड़ चुकी है।

रक्षा मंत्री ने जानकारी दी थी कि गहरे समुन्दर से कुछ ध्वनि के संकेत मिले हैं जहां सारी ताकत केंद्रित की जा रही है। लेकिन निराशा की बात यह है कि एक तरह की ऐसी कई ध्वनियां हैं जो छद्म
साबित हुई हैं। 

खोज की इस मुहीम में सिंगल एंड मल्टी बीम इको साउंडर जैसे उन्नत तकनीकों से लैस लैब स्थापित की गई है। दुनिया की ऐसी कोई मौजूद तकनीक नहीं है जिसका इस्तेमाल नहीं किया जा रहा हो। पर्रिकर ने कहा कि उड़ान वाले दिन समुन्दर के ऊपर मौसम काफी खराब था, लेकिन इससे संबंधित सभी जरूरतों का ख्याल रखा गया था।

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