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Maharashtra Politics: निर्दलीय विधायक का आरोप, एमवीए सरकार के कुछ मंत्रियों ने निर्वाचन क्षेत्र विकास कोष में मांगा कमीशन
Mon, 06 Jun 2022 06:03 PM IST
Amit Mandal
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Published by: Amit Mandal
Updated Mon, 06 Jun 2022 06:03 PM IST
सार
विधायक ने कहा, मैं मुख्यमंत्री को उन लोगों के नाम दूंगा। उन्होंने यह भी कहा कि अगर विधायकों की समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो सरकार को परिणाम भुगतने होंगे।
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मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे
- फोटो : एएनआई
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विस्तार
10 जून के राज्यसभा चुनाव से पहले शिवसेना समर्थित निर्दलीय विधायक आशीष जायसवाल ने सोमवार को आरोप लगाया कि महा विकास अघाड़ी (एमवीए) सरकार के कुछ मंत्रियों ने निर्वाचन क्षेत्र विकास कोष में कमीशन की मांग की। पत्रकारों से बात करते हुए रामटेक विधायक ने कहा कि वह ऐसे मंत्रियों के खिलाफ महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे से शिकायत करेंगे। जायसवाल वर्तमान में उन विधायकों के मुख्य पर्यवेक्षक हैं, जिन्हें पैसे बांटने के संबंध में शिकायत है।
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हालांकि, उन्होंने कहा कि निर्वाचन क्षेत्र के फंड के वितरण को लेकर कुछ विधायकों के बीच इस असंतोष का आगामी राज्यसभा चुनावों पर कोई असर नहीं पड़ेगा क्योंकि उन्हें उम्मीद है कि मुख्यमंत्री शिकायतों का समाधान करेंगे। सूत्रों के मुताबिक, मुख्यमंत्री के सोमवार को मुंबई में निर्दलीय विधायकों के साथ बैठक करने की संभावना है। जायसवाल ने एक मराठी समाचार चैनल से कहा कि धन के वितरण पर असंतोष तब तक दूर नहीं होगा जब तक कि इसका समाधान नहीं हो जाता।
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उन्होंने कहा कि हम धन के वितरण में किसी भी असंतुलन को बर्दाश्त नहीं करेंगे और यह भी अनुमति नहीं देंगे कि हमारे निर्वाचन क्षेत्रों के साथ अन्याय हो। कई मंत्री विकास कोष के माध्यम से हमारे निर्वाचन क्षेत्रों में किए गए कार्यों से मौद्रिक लाभ मांगते हैं। मैं मुख्यमंत्री को उन लोगों के नाम दूंगा। उन्होंने यह भी कहा कि अगर विधायकों की समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो सरकार को परिणाम भुगतने होंगे।
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महाराष्ट्र में राज्यसभा की कुल छह सीटों के लिए विपक्षी भाजपा ने तीन उम्मीदवार, कांग्रेस और राकांपा ने एक-एक और शिवसेना ने दो उम्मीदवार उतारे हैं। विधानसभा में अपनी ताकत को देखते हुए भारतीय जनता पार्टी के पास अपने दम पर दो सीटें जीतने के लिए पर्याप्त वोट हैं। कांग्रेस, शिवसेना और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी, एमवीए के सभी घटक अपने दम पर एक-एक सीट जीत सकते हैं और दूसरी सीट जीतने के लिए उनके पास अतिरिक्त वोट होंगे।