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CWC: स्मृति ईरानी ने दिए निर्देश, कहा- ऐसे बच्चों के मामलों की समीक्षा करें जिन्हें गोद लिया जा सकता
Sun, 02 Jul 2023 03:20 PM IST
देव कश्यप
पीटीआी, नई दिल्ली।
पीटीआी, नई दिल्ली।
Published by: देव कश्यप
Updated Sun, 02 Jul 2023 03:20 PM IST
सार
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, देश भर में बाल देखभाल घरों में लगभग 66,000 बच्चे रहते हैं और उनमें से 3,000 से भी कम बच्चे गोद लेने के लिए कानूनी रूप से स्वतंत्र हैं।
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महिला एवं बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी (फाइल फोटो)।
- फोटो : Social Media
विस्तार
महिला एवं बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी ने रविवार को बाल कल्याण समितियों से बाल देखभाल घरों का दौरा करने और बड़े बच्चों के मामलों की समीक्षा करने को कहा, जिन्हें जल्द से जल्द गोद लेने के लिए स्वतंत्र किया जा सकता है। गौरतलब है कि बाल-देखभाल गृहों में रहने वाले कई बच्चे गोद लेने के लिए कानूनी रूप से स्वतंत्र नहीं हैं।
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आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, देश भर में बाल देखभाल घरों में लगभग 66,000 बच्चे रहते हैं और उनमें से 3,000 से भी कम बच्चे गोद लेने के लिए कानूनी रूप से स्वतंत्र हैं। "बाल संरक्षण, सुरक्षा और बाल कल्याण" पर एक क्षेत्रीय संगोष्ठी में बोलते हुए ईरानी ने सीडब्ल्यूसी से बाल-देखभाल घरों का दौरा करने और बड़े बच्चों के मामलों की समीक्षा करने के लिए कहा, जिन बच्चों को जल्द से जल्द गोद लेने के लिए स्वतंत्र किया जा सकता है। इस संगोष्ठी में बाल कल्याण समिति के सदस्यों और बाल-देखभाल संस्थानों के अधिकारियों सहित अन्य लोगों ने भाग लिया।
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ईरानी ने कहा कि महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने पहले ही दो राज्यों की समीक्षा की है, बड़े बच्चों के 9,000 मामलों पर गौर किया है और 164 ऐसे बच्चों की पहचान की है जिन्हें कानूनी रूप से गोद लेने के लिए स्वतंत्र किया जा सकता है।
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उन्होंने बाल देखभाल गृहों से अपने क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे की कमियों को देखने के लिए भी कहा और शीर्ष बाल अधिकार निकाय - राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर) से इन कमियों की समीक्षा करने और उन्हें मंत्रालय के समक्ष प्रस्तुत करने का अनुरोध किया ताकि उन्हें आगामी बजट में सामने लाया जा सके।