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Maharashtra: छह साल की मासूम की गवाही ने दिलाया उसे न्याय, दुष्कर्म के दोषी काे 20 साल की कठोर कारावास

Thu, 22 Feb 2024 03:00 PM IST
काव्या मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई Published by: काव्या मिश्रा Updated Thu, 22 Feb 2024 03:00 PM IST
सार

8 जनवरी, 2021 को आरोपी ने पीड़िता को बहला-फुसलाकर अपने घर बुला लिया। बाद में उसके साथ दुष्कर्म किया। इतना ही नहीं मासूम बच्ची को अपराध के बारे में किसी को बताने पर गंभीर परिणाम भुगतने की भी धमकी दी थी।
 

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six-yr-old girl's deposition helps court convict and sentence her rapist to 20-year RI
court order

विस्तार

महाराष्ट्र की एक अदालत ने छह साल की मासूम बच्ची से दुष्कर्म करने के दोषी को 20 साल की कठोर कारावास की सजा सुनाई है। मामला साल 2021 का है। 

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विशेष पॉक्सो अदालत के न्यायाधीश डीएस देशमुख ने बुधवार को पारित आदेश में ठाणे के दिवा इलाके के एक गांव के रहने वाले 47 वर्षीय आरोपी पांडुरंग शेलार पर 5,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया। न्यायाधीश ने निर्देश दिया कि पीड़िता को मुआवजे के रूप में जुर्माने की राशि दी जाए और कानून के प्रावधानों के अनुसार अतिरिक्त मुआवजे के भुगतान के लिए मामले को जिला कानूनी सेवा प्राधिकरण (डीएलएसए) को भी भेज दिया।
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छह गवाहों से पूछताछ की गई
पुलिस हवलदार विद्यासागर कोली ने बताया कि मामले में अभियोजन पक्ष के छह गवाहों से पूछताछ की गई। पीड़िता और अभियोजन पक्ष के अन्य गवाहों के बयान के आधार पर आरोपी को दोषी ठहराया गया। वहीं, विशेष लोक अभियोजक संध्या एच म्हात्रे ने अदालत को बताया कि पीड़ित और आरोपी पड़ोसी थे।
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यह है मामला
8 जनवरी, 2021 को आरोपी ने पीड़िता को बहला-फुसलाकर अपने घर बुला लिया। बाद में उसके साथ दुष्कर्म किया। इतना ही नहीं मासूम बच्ची को अपराध के बारे में किसी को बताने पर गंभीर परिणाम भुगतने की भी धमकी दी।


न्यायाधीश ने अपने आदेश में कहा कि अभियोजन पक्ष ने आरोपी के खिलाफ सभी आरोपों को सफलतापूर्वक साबित कर दिया है। इसलिए आरोपी को दोषी ठहराया जाता है और उसे 20 साल की कठोर कारावास की सजा दी जाती है। 

बता दें, भारतीय दंड संहिता, अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम और बाल यौन अपराध संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम के तहत विभिन्न आरोपों में दोषी पाया गया।

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