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चूजे को बचाने अस्पताल पहुंचा मासूम, स्कूल ने किया सम्मानित
Fri, 05 Apr 2019 01:01 PM IST
आसिम खान
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मिजोरम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मिजोरम
Published by: आसिम खान
Updated Fri, 05 Apr 2019 01:01 PM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया
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मिजोरम में चूजे को बचाने की कोशिश करने वाले मासूम को स्कूल ने सम्मानित किया है। शिलॉन्ग के साईरंग में रहने वाला 6 साल का डेरेक साइकिल चला रहा था कि गलती से उसके पहिए के नीचे एक चूजा आ गया था। बच्चा घबरा गया और उसे लेकर अस्पताल पहुंच गया। बच्चे की इस मासूमियत को देखते हुए स्कूल प्रशासन ने डेरेक को सम्मानित किया है।
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बता दें कि जब बच्चा अस्पताल पहुंचा तो उसने एक हाथ में चूजा और दूसरे हाथ में 10 रुपये का नोट ले रखा था। चूजे को लेकर अस्पताल पहुंचे लड़के ने डॉक्टरों से उसे बचाने की अपील की। मासूम बच्चा डॉक्टरों से बोला- प्लीज इसे बचा लो। इस घटना को शिलॉन्ग यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर संगा ने सोशल मीडिया पर शेयर किया है। जिसके बाद से लगातर ये बच्चा सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है।
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प्रोफेसर ने बताया कि डेरेक के पिता धीरज छेत्री पेशे से किसान हैं। धीरज ने उन्हें बताया कि डेरेक ने गलती से साइकिल चूजे पर चढ़ा दी, जिससे वह घायल हो गया। बच्चे को यह नहीं मालूम था कि वह मर चुका है। बच्चे ने पैसे मांगे और चूजे को अस्पताल ले जाने की जिद की। प्रोफेसर ने बताया कि हम जब अस्पताल से डेरेक को लेकर घर पहुंचे। तब भी वह उसे बचाने की जिद कर रहा था। उसने 100 रुपये के नोट के साथ दोबारा अस्पताल जाने को कहा। ऐसी स्थिति में परिजनों को बताना पड़ा कि चूजा मर चुका है और उसका इलाज नहीं हो सकता।
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