{"_id":"624c371fef5f7c6e806590dd","slug":"six-times-more-funds-for-improving-infrastructure-along-china-border-in-arunachal-govt","type":"story","status":"publish","title_hn":"अहम फैसला: अरुणाचल में चीन से लगती सीमा पर सरकार की खास नजर, बुनियादी ढांचे के लिए बजट 6 गुना बढ़ाया ","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
अहम फैसला: अरुणाचल में चीन से लगती सीमा पर सरकार की खास नजर, बुनियादी ढांचे के लिए बजट 6 गुना बढ़ाया
Tue, 05 Apr 2022 07:24 PM IST
Amit Mandal
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दिल्ली
Published by: Amit Mandal
Updated Tue, 05 Apr 2022 07:24 PM IST
सार
भारत लद्दाख से अरुणाचल प्रदेश तक चीन के साथ 3,488 किलोमीटर लंबी वास्तविक नियंत्रण रेखा साझा करता है। हालिया विवाद को देखते हुए सरकार ने बुनियादी ढांचे के निर्माण के लिए बजट में खासी बढ़ोतरी की है।
विज्ञापन
बुनियादी ढांचे के लिए बढ़ाया बजट
- फोटो : Amar Ujala GFX
विस्तार
केंद्र सरकार ने अरुणाचल प्रदेश में भारत-चीन सीमा पर बुनियादी ढांचे के विकास पर और ध्यान केंद्रित करना शुरू कर दिया है। सरकार ने यहां बुनियादी ढांचे के विकास के लिए छह गुना अधिक धन आवंटित किया है। 2020-21 में 42.87 करोड़ रुपये से बढ़ाकर इसे 2021-22 में 249.12 करोड़ रुपये किया गया है। केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने लोकसभा में कहा कि वर्ष 2021-22 में 602.30 करोड़ रुपये बॉर्डर इंफ्रास्ट्रक्चर एंड मैनेजमेंट (बीआईएम) योजना के तहत अंतरराष्ट्रीय सीमा पर बुनियादी ढांचे में सुधार के लिए आवंटित किए गए हैं। जबकि 2020-21 में यह बजट 355.12 करोड़ रुपये था।
विज्ञापन
भारत-चीन सीमा के लिए 249 करोड़ रुपये आवंटित
उन्होंने एक प्रश्न के लिखित उत्तर में कहा कि 2020-21 में पूर्वोत्तर में भारत-चीन सीमा के लिए बीआईएम के तहत 42.87 करोड़ रुपये आवंटित किए गए थे, लेकिन इसके लिए 2021-22 में 249.12 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। भारत लद्दाख से अरुणाचल प्रदेश तक चीन के साथ 3,488 किलोमीटर लंबी वास्तविक नियंत्रण रेखा साझा करता है। वहीं, अरुणाचल प्रदेश चीन के साथ 1,126 किलोमीटर लंबी सीमा साझा करता है।
विज्ञापन
अप्रैल 2020 से लद्दाख में गतिरोध
भारतीय सेना और चीन की पीएलए के बीच अप्रैल 2020 से लद्दाख में गतिरोध बना हुआ है। राय ने कहा कि 2020-21 में भारत-म्यांमार सीमा के लिए बीआईएम के तहत 17.38 करोड़ रुपये आवंटित किए गए थे जबकि 2021-22 में इसके लिए 50 करोड़ रुपये आवंटित किए गए थे। उन्होंने कहा कि 2020-21 में भारत-बांग्लादेश सीमा के लिए बीआईएम के तहत 294.87 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं, जबकि 2021-22 के लिए 303.18 करोड़ रुपये आवंटित किए गए थे।
विज्ञापन
सुरक्षा को मजबूत करने के लिए उठाए गए ये कदम
मंत्री के अनुसार, सरकार ने अंतरराष्ट्रीय सीमाओं पर सुरक्षा को मजबूत करने के लिए एक बहु-आयामी दृष्टिकोण अपनाया है, जिसमें सीमा सुरक्षाबलों की तैनाती, गश्त द्वारा सीमाओं पर प्रभावी वर्चस्व, नाके लगाना, निगरानी चौकियों की निगरानी और समग्र समीक्षा शामिल है। समय-समय पर तैनाती, नई सीमा चौकियों की स्थापना, निगरानी उपकरणों की तैनाती, खुफिया नेटवर्क को मजबूत करना, सीमा पर बाड़ लगाना भी इसमें शामिल हैं।