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Maharashtra: छह छावनी बोर्डों के नगर निकायों में विलय की तैयारी; स्थानीय चुनाव से पहले फडणवीस सरकार का कदम
Thu, 10 Jul 2025 09:50 PM IST
अभिषेक दीक्षित
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Published by: अभिषेक दीक्षित
Updated Thu, 10 Jul 2025 09:50 PM IST
सार
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि वर्षों से छावनी क्षेत्रों के निवासी बेहतर नागरिक बुनियादी ढांचे की मांग कर रहे हैं। इसलिए केंद्र सरकार ने ऐसे क्षेत्रों को आसपास के नगर निगमों और परिषदों में विलय करने का नीतिगत निर्णय लिया है।
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देवेंद्र फडणवीस, सीएम, महाराष्ट्र
- फोटो : ANI
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विस्तार
पुणे बोर्ड सहित महाराष्ट्र के छह छावनी बोर्डों का स्थानीय नगर निकायों में विलय किया जाएगा। इसके अलावा उन्हें नए स्थानीय निकायों में भी बदला जा सकता है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने गुरुवार को कहा कि बेहतर सुविधाओं और विकास सुनिश्चित करने के लिए ऐसा किया जाएगा। पुणे और किरकी (खड़की) छावनी बोर्डों का पुणे नगर निगम में विलय किया जाएगा, जबकि औरंगाबाद छावनी को छत्रपति संभाजीनगर नगर निगम में एकीकृत किया जाएगा।
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मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से जारी एक बयान में कहा गया कि देवलाली और अहमदनगर छावनी को स्वतंत्र नगर परिषदों में परिवर्तित किया जाएगा, और कैम्पटी छावनी का येरखड़ा नगर पंचायत (नगर परिषद) में विलय किया जाएगा। राज्य विधानमंडल परिसर में आयोजित एक उच्च-स्तरीय बैठक में इस निर्णय की घोषणा की गई।
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'नगर निगमों और परिषदों में विलय करने का नीतिगत निर्णय लिया'
फडणवीस ने कहा कि वर्षों से छावनी क्षेत्रों के निवासी बेहतर नागरिक बुनियादी ढांचे की मांग कर रहे हैं। इसलिए केंद्र सरकार ने ऐसे क्षेत्रों को आसपास के नगर निगमों और परिषदों में विलय करने का नीतिगत निर्णय लिया है।
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'रक्षा मंत्रालय की ओर से जारी दिशानिर्देशों के अनुसार निपटाया जाएगा'
उन्होंने कहा कि प्रत्येक छावनी की अपनी विशिष्ट स्थिति होती है। ऐसे में कुछ का स्थानीय निगमों में विलय किया जाएगा, जबकि अन्य को नए नगर निकायों के रूप में पुनर्गठित किया जाएगा। फडणवीस ने कहा कि इन क्षेत्रों में कर, बिजली, जल आपूर्ति, वित्तीय प्रबंधन और कर्मचारियों की तैनाती से संबंधित मामलों को रक्षा मंत्रालय की ओर से जारी दिशानिर्देशों के अनुसार निपटाया जाएगा।
'नागरिक सुविधाओं तक पहुंच सुनिश्चित होगी'
उन्होंने कहा, 'इस एकीकरण से न केवल नागरिक सुविधाओं तक पहुंच सुनिश्चित होगी, बल्कि इन क्षेत्रों के समग्र विकास का मार्ग भी प्रशस्त होगा।' इस बीच उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने आश्वासन दिया कि इन क्षेत्रों के लिए विकास निधि जिला योजना समितियों के माध्यम से आवंटित की जाएगी। उन्होंने संबंधित नगर निकायों को अपने विकास प्रस्ताव शीघ्रता से संबंधित समितियों को प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।