{"_id":"6a329f95fc2dab8e1003da97","slug":"six-bjp-mps-give-privilege-notice-against-lop-mallikarjun-kharge-for-making-disrespectful-remarks-against-pm-2026-06-17","type":"story","status":"publish","title_hn":"Privilege Notice: खरगे के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का नोटिस, पीएम पर अपमानजनक टिप्पणी का मामला; समिति करेगी जांच","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
Privilege Notice: खरगे के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का नोटिस, पीएम पर अपमानजनक टिप्पणी का मामला; समिति करेगी जांच
Wed, 17 Jun 2026 07:05 PM IST
Pavan
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Pavan
Updated Wed, 17 Jun 2026 07:05 PM IST
सार
भाजपा के छह राज्यसभा सांसदों ने विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ कथित अपमानजनक टिप्पणियां करने का आरोप लगाते हुए विशेषाधिकार हनन नोटिस दिया है। राज्यसभा सभापति सीपी राधाकृष्णन ने मामले को जांच और रिपोर्ट के लिए विशेषाधिकार समिति के पास भेज दिया है।
विज्ञापन
खरगे के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का नोटिस
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विस्तार
राज्यसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ कथित तौर पर की गई टिप्पणी को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। भारतीय जनता पार्टी के छह सांसदों ने मल्लिकार्जुन खरगे के खिलाफ विशेषाधिकार हनन नोटिस दिया है। भाजपा सांसदों का आरोप है कि मल्लिकार्जुन खरगे ने प्रधानमंत्री के बारे में सदन में 'अपमानजनक' और 'असम्मानजनक' टिप्पणी की, जिससे सदन की गरिमा और संसदीय परंपराओं का उल्लंघन हुआ है। इसी आधार पर उनके खिलाफ विशेषाधिकार हनन का नोटिस दाखिल किया गया।
यह भी पढ़ें- 'शिक्षा खर्च बढ़ाने की जरूरत': संसदीय समिति ने कहा- बजट आवंटन पर्याप्त नहीं, NEP का 6% GDP लक्ष्य अब भी अधूरा
राज्यसभा के सभापति ने जांच के लिए विशेषाधिकार समिति को भेजा
राज्यसभा के सभापति सीपी राधाकृष्णन ने इस नोटिस पर संज्ञान लेते हुए इसे आगे की जांच और परीक्षण के लिए विशेषाधिकार समिति को भेज दिया है। समिति मामले की जांच करेगी और अपनी रिपोर्ट सभापति को सौंपेगी। अब विशेषाधिकार समिति यह तय करेगी कि मल्लिकार्जुन खरगे की टिप्पणी संसदीय विशेषाधिकारों का उल्लंघन करती है या नहीं। समिति की रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। इस घटनाक्रम से संसद के मानसून सत्र से पहले राजनीतिक माहौल गरमा गया है। भाजपा और कांग्रेस के बीच इस मुद्दे को लेकर तीखी बयानबाजी देखने को मिल सकती है।
विज्ञापन
किन सांसदों ने दिया नोटिस?
यह नोटिस भाजपा के छह राज्यसभा सांसदों; बृज लाल, मिथलेश कुमार, सुमित्रा बाल्मिक, शिवेश कुमार, सिकंदर कुमार और नागेंद्र राय; ने संयुक्त रूप से दिया है। सांसदों का कहना है कि खरगे लगातार प्रधानमंत्री के खिलाफ अपमानजनक और असम्मानजनक भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं, जो संसद की मर्यादा के खिलाफ है।
किस नियम के तहत दिया गया नोटिस?
यह नोटिस राज्यसभा के प्रक्रिया और कार्य संचालन नियमों के नियम 188 के तहत दायर किया गया है। इसके बाद सभापति ने नियम 203 के तहत मामले को विशेषाधिकार समिति के पास भेज दिया। अब विशेषाधिकार समिति इस मामले की जांच करेगी, संबंधित तथ्यों का अध्ययन करेगी और अपनी रिपोर्ट राज्यसभा को सौंपेगी। समिति की सिफारिशों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
यह भी पढ़ें- CM Vijay Stops Convoy: काफिला रुकवाकर कुछ इस अंदाज में लोगों से मिले सीएम विजय, सोशल मीडिया पर छाया वीडियो
विशेषाधिकार समिति में कौन-कौन हैं?
राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश विशेषाधिकार समिति के अध्यक्ष हैं। समिति में भाजपा सांसद सुधांशु त्रिवेदी, दीपक प्रकाश, सुमेर सिंह सोलंकी, सुरेंद्र सिंह नगर, मनन कुमार मिश्रा तथा निर्दलीय सांसद कार्तिकेय शर्मा सदस्य हैं।
विज्ञापन
यह भी पढ़ें- 'शिक्षा खर्च बढ़ाने की जरूरत': संसदीय समिति ने कहा- बजट आवंटन पर्याप्त नहीं, NEP का 6% GDP लक्ष्य अब भी अधूरा
विज्ञापन
राज्यसभा के सभापति ने जांच के लिए विशेषाधिकार समिति को भेजा
राज्यसभा के सभापति सीपी राधाकृष्णन ने इस नोटिस पर संज्ञान लेते हुए इसे आगे की जांच और परीक्षण के लिए विशेषाधिकार समिति को भेज दिया है। समिति मामले की जांच करेगी और अपनी रिपोर्ट सभापति को सौंपेगी। अब विशेषाधिकार समिति यह तय करेगी कि मल्लिकार्जुन खरगे की टिप्पणी संसदीय विशेषाधिकारों का उल्लंघन करती है या नहीं। समिति की रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। इस घटनाक्रम से संसद के मानसून सत्र से पहले राजनीतिक माहौल गरमा गया है। भाजपा और कांग्रेस के बीच इस मुद्दे को लेकर तीखी बयानबाजी देखने को मिल सकती है।
विज्ञापन
किन सांसदों ने दिया नोटिस?
यह नोटिस भाजपा के छह राज्यसभा सांसदों; बृज लाल, मिथलेश कुमार, सुमित्रा बाल्मिक, शिवेश कुमार, सिकंदर कुमार और नागेंद्र राय; ने संयुक्त रूप से दिया है। सांसदों का कहना है कि खरगे लगातार प्रधानमंत्री के खिलाफ अपमानजनक और असम्मानजनक भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं, जो संसद की मर्यादा के खिलाफ है।
किस नियम के तहत दिया गया नोटिस?
यह नोटिस राज्यसभा के प्रक्रिया और कार्य संचालन नियमों के नियम 188 के तहत दायर किया गया है। इसके बाद सभापति ने नियम 203 के तहत मामले को विशेषाधिकार समिति के पास भेज दिया। अब विशेषाधिकार समिति इस मामले की जांच करेगी, संबंधित तथ्यों का अध्ययन करेगी और अपनी रिपोर्ट राज्यसभा को सौंपेगी। समिति की सिफारिशों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
यह भी पढ़ें- CM Vijay Stops Convoy: काफिला रुकवाकर कुछ इस अंदाज में लोगों से मिले सीएम विजय, सोशल मीडिया पर छाया वीडियो
विशेषाधिकार समिति में कौन-कौन हैं?
राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश विशेषाधिकार समिति के अध्यक्ष हैं। समिति में भाजपा सांसद सुधांशु त्रिवेदी, दीपक प्रकाश, सुमेर सिंह सोलंकी, सुरेंद्र सिंह नगर, मनन कुमार मिश्रा तथा निर्दलीय सांसद कार्तिकेय शर्मा सदस्य हैं।