SIR Row: 'ECI लोकतंत्र की हत्या की जिम्मेदार', मतदाता सूची पुनरीक्षण के बीच राहुल हमलावर; बंगाल पर अधिक रार
यह बयान उस वीडियो के बाद आया है जिसे कांग्रेस ने सोशल मीडिया पर साझा किया है। वीडियो में एक व्यक्ति, जो मंगलवार को जहर खाकर आत्महत्या करने वाले बीएलओ विपिन यादव का साला बताया गया है, दावा करता है कि उस पर ओबीसी मतदाताओं के नाम हटाने का दबाव था।
विस्तार
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने बुधवार को बीजेपी और चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया के नाम पर भाजपा अपनी मनपसंद वोटर लिस्ट तैयार कर रही है और इसमें पिछड़ों, दलितों, वंचितों और गरीबों के नाम जानबूझकर हटाए जा रहे हैं।
यह बयान उस वीडियो के बाद आया है जिसे कांग्रेस ने सोशल मीडिया पर साझा किया है। वीडियो में एक व्यक्ति, जो मंगलवार को जहर खाकर आत्महत्या करने वाले बीएलओ विपिन यादव का साला बताया गया है, दावा करता है कि यादव पर ओबीसी मतदाताओं के नाम हटाने का दबाव बनाया जा रहा था।
राहुल गांधी ने चुनाव आयोग को बताया लोकतंत्र की हत्या का जिम्मेदार
राहुल गांधी ने वीडियो को शेयर करते हुए एक्स पर लिखा ओबीसी वोटरों के नाम काटो, वरना नौकरी चली जाएगी। दबाव, धमकी… और नतीजा? आखिर में आत्महत्या। SIR के नाम पर पिछड़े–दलित–वंचित–गरीब वोटरों को लिस्ट से हटाकर BJP अपनी मनमाफ़िक वोटर लिस्ट तैयार कर रही है। ECI लोकतंत्र की हत्या की ज़िम्मेदार है। राहुल ने आगे कहा कि चुनाव आयोग इस लोकतंत्र की हत्या के लिए जिम्मेदार है।
“OBC वोटरों के नाम काटो, वरना नौकरी चली जाएगी।”
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) November 26, 2025
दबाव, धमकी… और नतीजा? आखिर में आत्महत्या।
SIR के नाम पर पिछड़े–दलित–वंचित–गरीब वोटरों को लिस्ट से हटाकर BJP अपनी मनमाफ़िक वोटर लिस्ट तैयार कर रही है।
ECI लोकतंत्र की हत्या की ज़िम्मेदार है। https://t.co/6kpi7Mh018
पश्चिम बंगाल निर्वाचन अधिकारी को चुनाव आयोग की चिट्ठी
चुनाव आयोग ने बुधवार को कोलकाता के पुलिस आयुक्त मनोज कुमार वर्मा को पत्र लिखकर मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय में बूथ स्तरीय अधिकारियों के विरोध प्रदर्शन के दौरान गंभीर सुरक्षा उल्लंघन पर चिंता जाहिर की है। चुनाव आयोग ने पुलिस को अपने अधिकारियों को सुरक्षा सुनिश्चित करने और 48 घंटे के भीतर कार्रवाई रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। दरअसल सोमवार को कोलकाता के मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय के बाहर बूथ स्तर के अधिकारियों ने विरोध प्रदर्शन किया था और इस दौरान सुरक्षा उल्लंघन भी हुआ था। कुछ प्रदर्शनकारियों ने जबरन निर्वाचन कार्यालय में घुसने का प्रयास किया था । जिसके बाद में पुलिस को भी हस्तक्षेप करना पड़ा और इस दौरान झड़पे भी हुई थी।
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चुनाव आयोग के सूत्रों ने बताया आयोग पहले ही राज्य में बूथ स्तर के राजनीतिक पार्टी एजेंटों द्वारा आयोग के बूथ स्तर के चुनाव आयोग के अधिकारियों को धमकाने और उनके निर्बाध काम में अड़चन की शिकायत उन्हें लगातार मिल रही हैं। बीएलए बीएलओ के पीछे लगकर गणना प्रपत्र में जानकारी भरने के मामले में भी दखल दे रहे हैं। इसे लेकर चुनाव आयोग लगातार इस दिशा में मामले का संज्ञान ले रहा है।
राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी को लिखे अपने पत्र में चुनाव आयोग ने कहा है कि ऐसी स्थिति से विशिष्ट वरिष्ठ चुनाव अधिकारियों को खतरा हो सकता है। उनके कार्यालय में मौजूद सुरक्षा आपात स्थिति से निपटने के लिए पर्याप्त प्रतीत नहीं होती है। इसलिए मुख्य निर्वाचन अधिकारी, अतिरिक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी, संयुक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारियों, उपमुख्य निर्वाचन अधिकारियों और निर्वाचन अधिकारी कार्यालयों में काम करने वाले अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों की सुरक्षा को भी खतरा हो सकता है। लिहाजा पुलिस को अधिकारियों के आवास और उनकी यात्रा के दौरान उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करनी होगी। पत्र में यह भी कहा गया है कि आयोग ने इस घटना को गंभीरता से लिया है और वह निर्देश दे रहे हैं कि निर्वाचन कार्यालय में तैनात अधिकारी और कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास किया जाए।
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