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Singapore: भारतीय मूल के व्यक्ति को सिंगापुर में दी गई फांसी, ड्रग तस्करी के आरोप में करार दिया गया था दोषी
Wed, 26 Apr 2023 07:30 PM IST
श्वेता महतो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: श्वेता महतो
Updated Wed, 26 Apr 2023 07:30 PM IST
सार
मंत्रालय ने बताया कि नशीली पदार्थों को बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इससे निपटने के लिए सिंगापुर ने जिरो टॉलेरेंस का रुख अपनाया है। नशीली दवाओं की लत से छुटकारा पाने के लिए नशा मुक्ति केंद्रों पर भी फोकस किया जा रहा है।
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drug trafficking
- फोटो : Social Media
विस्तार
भारतीय मूल के एक 46 वर्षीय व्यक्ति को मादक पदार्थों की तस्करी के जुर्म में सिंगापुर में बुधवार को फांसी दे दी गई। तस्कर को फांसी देने के आदेश का उसके परिवारीजनों के साथ ही मानवाधिकार कार्यकर्ता विरोध कर रहे थे। अदालत द्वारा सजा के खिलाफ दाखिल अपील को खारिज किए जाने के एक दिन बाद तंगाराजू सुप्पैया को चांगी जेल में बुधवार सुबह-सुबह फांसी दे दी गई।
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दरअसल, फांसी को रोकने के लिए मृत्युदंड विरोधी प्रचारकों ने कोर्ट में याचिका दायर की थी। तंगाराजू सुप्पैया को अक्टूबर 2018 में एक हाई कोर्ट के न्यायाधीश द्वारा गांजे की तस्करी की साजिश रचने के साथ ही एक साथी को उकसाने के आरोप में दोषी ठहराया गया था। साथ ही उसने खुद भी एक किलोग्राम गांजे की तस्करी की थी। इस आरोप में नौ अक्तूबर 2018 को मौत की सजा सुनाई गई थी। उसे 2014 में पकड़ा गया था। बाद में वह ड्रग टेस्ट में भी फेल हो गया था।
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फांसी के बाद तंगराजू की बहन लीलावती सुप्पैया ने जानकारी दी है। उन्होंने कहा कि परिवार को मृत्यु प्रमाण पत्र मिला है। यह छह महीने में सिंगापुर की पहली फांसी थी।
मामले में सिंगापुर विदेश मंत्रालय ने मंगलवार को ब्रिटिश अरबपति रिचर्ड ब्रैनसन के ब्लॉग पोस्ट पर अपनी प्रतिकिया दी। ब्रैनसन ने अपने पोस्ट में कहा था कि क्यों तंगराजु सुपैय्या को फांसी नहीं दी जानी चाहिए? सुप्पैया की सजा मानकों पर खरी नहीं उतरी है। ऐसे में सिंगापुर कल एक निर्दोष व्यक्ति को फांसी देने जा रहा है।
फांसी के फैसले का हो रहा था विरोध
मंत्रालय ने कहा कि ब्रैनसन का दृष्टिकोण मौत की सजा के लिए सिंगापुर के जजों और नियमों का अनादर है। ब्रैनसन के अलावा सिंगापुर में यूरोपीय संघ के प्रतिनिधिमंडल और ऑस्ट्रेलियाई सांसद ग्राहम पेरेट ने भी बयान जारी किया। इस मामले में सिंगापुर में मौजूद यूरोपीय संघ के सदस्य राज्यों ने नॉर्वे और स्विट्जरलैंड के साथ संयुक्त रूप से जारी अपने बयान में तंगराजू के फांसी को रोकने और उसकी सजा को कम करने का आह्वान किया।
सिंगापुर के विदेश मंत्री ने कही थी यह बात
सिंगापुर के विदेश मंत्री ने अरबपति के पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा उनका दावा बिल्कुल भी सच नहीं है। यह अफसोसजनक है कि ब्रैनसन तंगाराजू के मामले पर बहस कर रहे हैं। सिंगापुर के न्यायालयों के बारे में और अधिक जानने के लिए उन्हें पहले मामले की गंभीरता को समझना चाहिए। कोर्ट ने तीन साल से ज्यादा समय में सबूतों और दलीलों के आधार पर अपना फैसला सुनाया है। फिर भी अगर अरबपति को लगता है कि वे कोर्ट से ज्यादा जानते हैं तो यह न्यायपालिका का अनादर है।
मंत्रालय ने बताया कि नशीली पदार्थों को बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इससे निपटने के लिए सिंगापुर ने जिरो टॉलेरेंस का रुख अपनाया है। नशीली दवाओं की लत से छुटकारा पाने के लिए नशा मुक्ति केंद्रों पर भी फोकस किया जा रहा है।