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कर्नाटक में सीएम पद पर घमासान: सिद्धारमैया बोले-आलाकमान का फैसला सर्वोपरि, विरोधियों के मंसूबे नहीं होंगे सफल
Wed, 06 May 2026 07:27 PM IST
राकेश कुमार
एएनआई, मैसूर
एएनआई, मैसूर
Published by: राकेश कुमार
Updated Wed, 06 May 2026 07:27 PM IST
सार
कर्नाटक में मुख्यमंत्री पद को लेकर जारी सस्पेंस के बीच सिद्धारमैया ने गेंद आलाकमान के पाले में डाल दी है। उपचुनावों में मिली जीत से उत्साहित मुख्यमंत्री ने साफ कर दिया है कि वे केवल दिल्ली के निर्देशों पर चलेंगे, जबकि विपक्ष और पार्टी के भीतर का दूसरा धड़ा बदलाव की उम्मीदें लगाए बैठा है।
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कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया
- फोटो : @अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
कर्नाटक की राजनीति में मुख्यमंत्री की कुर्सी को लेकर मचे घमासान के बीच सिद्धारमैया ने अपनी चुप्पी तोड़ी है। उन्होंने कहा कि राज्य के नेतृत्व पर अंतिम निर्णय केवल पार्टी का आलाकमान ही लेगा। जब उनसे उनके कार्यकाल की समयसीमा और संभावित फेरबदल के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि वे वही करेंगे जो पार्टी नेतृत्व तय करेगा। उन्होंने बार-बार एक ही सवाल पूछे जाने पर आपत्ति भी जताई।
पिछले काफी समय से खींचतान की खबरें
कर्नाटक कांग्रेस के भीतर पिछले काफी समय से खींचतान की खबरें आ रही हैं। विशेष रूप से मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के समर्थकों के बीच नेतृत्व को लेकर मतभेद गहराते दिख रहे हैं। पार्टी का एक बड़ा धड़ा साल 2023 के कथित 'पावर-शेयरिंग एग्रीमेंट' का हवाला देकर डीके शिवकुमार को शेष कार्यकाल के लिए मुख्यमंत्री बनाने की मांग कर रहा है। इसी तनाव के बीच सिद्धारमैया ने साफ कर दिया कि यदि आलाकमान उन्हें पूरे पांच साल बने रहने का निर्देश देगा, तो वे पद पर बने रहेंगे।
जनता के भरोसे का प्रमाण उपचुनावों में जीत- सिद्धारमैया
मुख्यमंत्री ने हाल ही में संपन्न हुए बागलकोट और भावनगर उपचुनावों में मिली जीत पर खुशी जाहिर की। उन्होंने इन नतीजों को अपनी सरकार की गारंटी और कार्यक्रमों पर जनता की मुहर बताया। सिद्धारमैया के अनुसार, लोगों का स्नेह और आशीर्वाद ही कांग्रेस की जीत का मुख्य आधार है। उन्होंने कहा कि इन परिणामों ने साबित कर दिया है कि राज्य की जनता मौजूदा प्रशासन से संतुष्ट है और विपक्ष की साजिशों को नकार चुकी है।
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यह भी पढ़ें: श्रृंगेरी में री-काउंटिंग: कांग्रेस MLA की जीती बाजी हार में बदली, सीएम सिद्धारमैया बोले-BJP ने की वोट डकैती
कानूनी लड़ाई का एलान
विपक्ष की रणनीति पर कटाक्ष करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उनके विरोधियों के पास कोई ठोस नीति नहीं है, वे केवल षड्यंत्रों में माहिर हैं। श्रृंगेरी उपचुनाव की पुनर्मतगणना को उन्होंने आपराधिक साजिश करार दिया। सिद्धारमैया ने दावा किया कि 255 वैध मतों को जानबूझकर अवैध घोषित किया गया है, जिसके खिलाफ कांग्रेस पार्टी अब अदालत का दरवाजा खटखटाएगी।
प्रह्लाद जोशी का कांग्रेस पर प्रहार
केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कर्नाटक में जारी राजनीतिक अनिश्चितता पर कांग्रेस को घेरते हुए कहा कि पूरी पार्टी इस वक्त भारी भ्रम की स्थिति में है। उन्होंने सिद्धारमैया के आलाकमान वाले बयान पर चुटकी लेते हुए कहा कि जब मुख्यमंत्री खुद कह रहे हैं कि उनके भाग्य का फैसला दिल्ली करेगी, तो इससे साफ है कि राज्य में नेतृत्व का संकट गहरा चुका है। जोशी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस के भीतर चल रही इस रस्साकशी के कारण कर्नाटक का प्रशासन पूरी तरह पंगु हो गया है और सरकार का सारा ध्यान जनकल्याण के बजाय केवल अपनी कुर्सी बचाने पर लगा है।
प्रह्लाद जोशी ने आगे कहा कि कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व ने कथित तौर पर पहले ही बदलाव के संकेत दे दिए हैं, जिससे मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री के खेमों के बीच खींचतान और बढ़ गई है। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार के मामलों में नंबर वन बन चुका कर्नाटक अब प्रशासनिक विफलता का केंद्र बन गया है। जोशी के अनुसार, सरकार के पास विकास कार्यों के लिए फंड की कमी है और कानून-व्यवस्था बिगड़ती जा रही है, लेकिन कांग्रेस नेता केवल दिल्ली के चक्कर काटने और आपसी समीकरण बिठाने में व्यस्त हैं।
अन्य वीडियो-
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पिछले काफी समय से खींचतान की खबरें
कर्नाटक कांग्रेस के भीतर पिछले काफी समय से खींचतान की खबरें आ रही हैं। विशेष रूप से मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के समर्थकों के बीच नेतृत्व को लेकर मतभेद गहराते दिख रहे हैं। पार्टी का एक बड़ा धड़ा साल 2023 के कथित 'पावर-शेयरिंग एग्रीमेंट' का हवाला देकर डीके शिवकुमार को शेष कार्यकाल के लिए मुख्यमंत्री बनाने की मांग कर रहा है। इसी तनाव के बीच सिद्धारमैया ने साफ कर दिया कि यदि आलाकमान उन्हें पूरे पांच साल बने रहने का निर्देश देगा, तो वे पद पर बने रहेंगे।
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जनता के भरोसे का प्रमाण उपचुनावों में जीत- सिद्धारमैया
मुख्यमंत्री ने हाल ही में संपन्न हुए बागलकोट और भावनगर उपचुनावों में मिली जीत पर खुशी जाहिर की। उन्होंने इन नतीजों को अपनी सरकार की गारंटी और कार्यक्रमों पर जनता की मुहर बताया। सिद्धारमैया के अनुसार, लोगों का स्नेह और आशीर्वाद ही कांग्रेस की जीत का मुख्य आधार है। उन्होंने कहा कि इन परिणामों ने साबित कर दिया है कि राज्य की जनता मौजूदा प्रशासन से संतुष्ट है और विपक्ष की साजिशों को नकार चुकी है।
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कानूनी लड़ाई का एलान
विपक्ष की रणनीति पर कटाक्ष करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उनके विरोधियों के पास कोई ठोस नीति नहीं है, वे केवल षड्यंत्रों में माहिर हैं। श्रृंगेरी उपचुनाव की पुनर्मतगणना को उन्होंने आपराधिक साजिश करार दिया। सिद्धारमैया ने दावा किया कि 255 वैध मतों को जानबूझकर अवैध घोषित किया गया है, जिसके खिलाफ कांग्रेस पार्टी अब अदालत का दरवाजा खटखटाएगी।
प्रह्लाद जोशी का कांग्रेस पर प्रहार
केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कर्नाटक में जारी राजनीतिक अनिश्चितता पर कांग्रेस को घेरते हुए कहा कि पूरी पार्टी इस वक्त भारी भ्रम की स्थिति में है। उन्होंने सिद्धारमैया के आलाकमान वाले बयान पर चुटकी लेते हुए कहा कि जब मुख्यमंत्री खुद कह रहे हैं कि उनके भाग्य का फैसला दिल्ली करेगी, तो इससे साफ है कि राज्य में नेतृत्व का संकट गहरा चुका है। जोशी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस के भीतर चल रही इस रस्साकशी के कारण कर्नाटक का प्रशासन पूरी तरह पंगु हो गया है और सरकार का सारा ध्यान जनकल्याण के बजाय केवल अपनी कुर्सी बचाने पर लगा है।
प्रह्लाद जोशी ने आगे कहा कि कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व ने कथित तौर पर पहले ही बदलाव के संकेत दे दिए हैं, जिससे मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री के खेमों के बीच खींचतान और बढ़ गई है। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार के मामलों में नंबर वन बन चुका कर्नाटक अब प्रशासनिक विफलता का केंद्र बन गया है। जोशी के अनुसार, सरकार के पास विकास कार्यों के लिए फंड की कमी है और कानून-व्यवस्था बिगड़ती जा रही है, लेकिन कांग्रेस नेता केवल दिल्ली के चक्कर काटने और आपसी समीकरण बिठाने में व्यस्त हैं।
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