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शहरों की तरह गांवों की सूरत संवारेगा ‘रर्बन मिशन'
Tue, 25 Feb 2020 03:50 AM IST
संजीव कुमार झा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: संजीव कुमार झा
Updated Tue, 25 Feb 2020 03:50 AM IST
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नरेद्र सिंह तोमर (फाइल फोटो)
- फोटो : फेसबुक
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श्यामा प्रसाद मुखर्जी रर्बन मिशन (एसपीएमआरएम) के तहत अब शहरी सुविधाओं के साथ विकसित हो रहे गांवों में विकास कार्यों की पल-पल की खबर जिओ टैगिंग की मदद से मिलेगी। ग्रामीण विकास मंत्रालय ने 300 क्लस्टर में समग्र विकास योजना के बाद अब इसे एक हजार नए क्लस्टर में शुरू करने का एलान किया है।
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इस योजना में शहरों से सटी ग्रामीण आबादी में स्वास्थ्य, शिक्षा, बुनियादी ढांचा, रोड कनेक्टिविटी, रोजगार जैसी योजनाओं को एक साथ लाकर विकास किया जा रहा है। सोमवार को दिल्ली के अंबेडकर भवन में योजना के चार साल पूरे होने पर केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने इस योजना की समीक्षा की।
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तोमर ने इस अवसर पर जिओ टैगिंग एप की भी शुरुआत की। उन्होंने एक हजार नए क्लस्टर की विस्तृत योजना का खाका पेश किया। यह योजना 2016 में शुरू हुई थी। चार सालों में 296 क्लस्टरों में काम लगभग पूरा हो गया है। इसमें 1,842.97 करोड़ रुपये खर्च हुए।
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