SMP: श्यामा प्रसाद मुखर्जी बंदरगाह ने कार्गो के संचालन में रचा इतिहास, रात में भी आवाजाही शुरू होगी
हरनाद ने बताया कि कोलकाता बंदरगाह एंटवर्प पोर्ट, बेल्जियम और आईआईटी चेन्नई के सहयोग से कोलकाता डॉक सिस्टम से रात के समय भी कार्गो जहाजों की आवाजाही शुरू करने पर काम कर रहा है।
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श्यामा प्रसाद मुखर्जी पोर्ट कोलकाता (एसएमपी) (पूर्व में कोलकाता पोर्ट ट्रस्ट) के अध्यक्ष पीएल हरनाद ने कहा कि वित्त वर्ष 2022- 23 में एसएमपी ने कार्गो के संचालन में इतिहास रच दिया। पोर्ट के 153 साल के इतिहास में पहली बार 65.66 मिलियन टन (एमटी) रिकार्ड कार्गो का संचालन किया है, जो अब तक का सर्वाधित कार्गो यातायात है। वे मंगलवार को यहां पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने हाल में पिछले वित्त वर्ष की उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि 2021-22 में इस बंदरगाह ने 58.175 मिलियन टन माल की ढुलाई (कार्गो का संचालन) की थी, इस प्रकार कार्गों के संचालन में 2022-23 में 12.87 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है, जो राष्ट्रीय औसत से बहुत अधिक है।
इस दौरान उन्होंने दावा किया कि इस बंदरगाह के 153 वर्षों के इतिहास में इस बार सर्वाधिक कार्गो का संचालन किया गया है, जो केंद्र सरकार द्वारा दिए गए 61 मिलियन टन के लक्ष्य से काफी अधिक है। हरनाद ने कहा कि एसएमपी कोलकाता अप्रैल 2022 से मार्च 2023 के दौरान भारत के प्रमुख बंदरगाहों के बीच कार्गो के संचालन में पांचवें स्थान आ गया है जबकि 2021-22 में यह छठे स्थान पर था।
रात में भी कार्गो जहाजों की होगी आवाजाही
हरनाद ने बताया कि कोलकाता बंदरगाह एंटवर्प पोर्ट, बेल्जियम और आईआईटी चेन्नई के सहयोग से कोलकाता डॉक सिस्टम से रात के समय भी कार्गो जहाजों की आवाजाही शुरू करने पर काम कर रहा है। अगस्त, 2023 तक छोटे जहाजों और मार्च, 2024 तक सभी जहाजों की रात के समय आवाजाही की सुविधा शुरू करने की योजना है। इससे जहां बंदरगाह की क्षमता में वृद्धि होगी वहीं समय की काफी बचत भी होगी। इसके साथ ही एसएमपी ने अपने स्वामित्व वाली भूमि को व्यवस्थित तरीके से विकसित करने की योजना बनाई है। इसके लिए मास्टर प्लान बनाया जा रहा है जो जून, 2023 तक पूरा हो जाएगा।
इसके तहत कोलकाता डॉक से केवल दो किलोमीटर दूरी पर लगभग 60 एकड़ भूमि में एक मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक पार्क विकसित किया जाएगा। इसमें वेयरहाउसिंग, कोल्ड स्टोरेज, ट्रक टर्मिनल, रेल और सड़क संपर्क आदि की सुविधा होगी। उन्होंने कहा पोर्ट पीपीपी मॉडल पर भी काम कर रहा है। बहुत सी योनजाएं बन चुकी हैं। इससे काफी लाभ होगा। उन्होंने कहा, भीड़ को कम करने और बंदरगाह की क्षमता बढ़ाने के लिए लगभग 445 करोड़ रुपए के निवेश के साथ बालागढ़ में एक विस्तारित पोर्ट गेट सिस्टम विकसित करने की भी योजना भी है।